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गर्मी से बढ़े उल्टी-दस्त के मरीज

Mon, 20 May 2019 11:20 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
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जिला अस्पताल के ओपीडी में मरीजों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। तेज धूप, उमस भरी गर्मी के साथ लू के थपेड़ों की वजह से अस्पताल में उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या में एकाएक वृद्धि हो गई। बच्चों से लेकर बुजुर्ग रोगग्रस्त हैं। जिला अस्पताल की हालत यह है कि प्रतिदिन एक हजार से अधिक ओपीडी में आ रहे हैं तो इमरजेंसी में भी गंभीर रूप से बीमार सैकड़ों मरीज भर्ती हो रहे हैं। सोमवार को ओपीडी से लेकर इमरजेंसी के बाहर तक अस्पताल मरीजों से भरा रहा।
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तेज धूप और गर्म हवा से महिला, बड़े और बुजुर्ग भी बीमार होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को 845 मरीजों ने विभिन्न बीमारियों के चलते अस्पताल पहुंचकर इलाज कराया। वहीं शनिवार को अस्पताल का हाफ-डे होने के बावजूद मरीजों का आंकड़ा पांच सौ पार कर गया। इस दिन 564 मरीजों ने विभिन्न चिकित्सकों से इलाज कराया। रविवार बंदी होने के बाद सोमवार को अस्पताल खुलते ही मरीजों की बाढ़-सी आ गई।
ओपीडी में इलाज कराने वाले मरीजों की तादाद 1092 तक पहुंच गई। इनमें सर्वाधिक तादाद बच्चों की थी। गर्मी के कारण उल्टी व दस्त आदि बीमारियों से ग्रसित थे। इसके बाद बीमारों में महिलाओं की तादाद अधिक थी। हालत यह थी कि अस्पताल के अंदर ओपीडी के बाहर हाल में मरीजों की भीड़ ठसाठस भरी हुई थी। इमरजेंसी की स्थिति पर नजर दौड़ाएं तो शुक्रवार को सुबह आठ बजे से दूसरे दिन तक गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती होने वाले 115 मरीज रहे। शनिवार को इमेरजेंसी में 24 घंटे के अंदर 119 मरीज भर्ती हुए। रविवार को इमरजंसी भर्ती मरीजों की तादाद 98 रही तो सोमवार की शाम तक में ही 74 मरीज भर्ती हो चुके थे।
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गर्मी में ठप हो जाती बिजली आपूर्ति
वर्तमान में तेज धूप और भीषण गर्मी के साथ ही अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ने के बीच ही बिजली गुल हो जाती है। हालत यह है कि कभी-कभार मोबाइल की रोशनी में इंजेक्शन लगाने आदि चिकित्सीय कार्य करना मजबूरी हो जाता है। सोमवार को अचानक बिजली गुल होने पर एआरबी कक्ष में एक मरीज को मोबाइल की रोशनी में इंजेक्शन लगाना पड़ा।

‘गर्मी के मौसम में बचाव जरूरी’
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय चौधरी कहते हैं कि गर्मी के मौसम में बचाव बेहद जरूरी है। तेज धूप से बचने के साथ बच्चों को सुबह सात बजे के बाद घर से बाहर न निकालें और शाम को छह बजे के बाद ही उन्हें बाहर निकालें। अगर बहुत जरूरी है तो उन्हें कपड़े से पूरी तरह ढंककर ही बाहर निकालें, लेकिन देर तक नहीं। तेल युक्त और बाहर का अशुद्ध भोजन बिल्कुल न खाएं। कुछ देर के बाद पानी जरूर पीते रहें।

लगातार बढ़ते तापमान से बढ़ी मुश्किलें
एक माह से तापमान में लगातार वृद्धि होने से लोग बेहाल हो चुके हैं। तेज धूप और गर्म हवा के कारण लोग घरों से निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। पिछले एक सप्ताह में तो हालत और भी बदतर हो चुकी है। पिछले तीन दिनों की बात करें तो हर दिन पारा 41 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा जबकि सोमवार को तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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