सिद्धार्थनगर। देवरिया महिला संरक्षण गृह में हुए कांड के बाद प्रदेश भर में अनाथ आश्रम की जांच शुरू हुई थी। जिले में भी बालगृह बालिका बयारा व ब्रह्मर्षि बावरा सिद्धार्थ ममता गृह जगमोहनी की जांच की थी। जांच रिपोर्ट डीएम द्वारा शासन को भेजी गई थी और दोनों संस्थाओं की मान्यता रद्द करते हुए बंद करने की अनुमति मांगी गई थी। जांच रिपोर्ट को संज्ञान में लेते हुए शासन ने दोनों संस्थाओं की मान्यता निरस्त कर दी है। साथ ही चार बच्चों को बालगृह देवरिया स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है।
जोगिया कोतवाल ने क्षेत्र के जगमोहनी में चल रहे ब्रह्मर्षि बावरा सिद्धार्थ ममता गृह का निरीक्षण करने बच्चों को असुरक्षित होने की रिपोर्ट डीएम को दी थी। इस मामले मेें डीएम ने शासन को रिपोर्ट भेजी थी। इसमें बाउंड्रीवाल आदि नहीं मिले थे। रिपोर्ट के आधार पर निदेशक डॉ. वंदना वर्मा ने अनाथ आश्रम की मान्यता रद्द करते हुए बच्चों को बालगृह बालक देवरिया स्थानांतरित कर दिया है। वहीं, डुमरियागंज क्षेत्र के बयारा में संचालित बालगृह बालिका का छह अगस्त को जांच किया था। जांच रिपोर्ट को शासन को भेजा गया था। मामले को संज्ञान में लेते हुए शासन ने बालगृह बालिका को भेजी गई पांच लाख 85 हजार रुपये धनराशि को राजकोष में जमा करने का निर्देश दिया है। साथ ही संस्था की मान्यता को रद्द कर दिया है। डीएम कुणाल सिल्कू की ओर से भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर दोनों संस्थाओं की मान्यता रद्द की गई है।