सिद्धार्थनगर। जिला मुख्यालय से लेकर गांवों तक लोगों को सात माह से बिजली का बिल नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में उपभोक्ता चाहकर भी बिल नहीं जमा कर पा रहे हैं और वे बिजली निगम के कर्जदार बनते जा रहे हैं।
बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने और बिल जमा करने पर सरकार का विशेष जोर है, बावजूद इसके निगम के अफसर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे। दिसंबर 2017 में बिल वितरण करने वाली कंपनी का ठेका खत्म होने के बाद नया ठेका हुआ ही नहीं। इस कारण जिला मुख्यालय से लेकर गांव तक के लोगों बिल नहीं मिल पा रहा है। हालांकि निगम के अफसर पुराने ठेकेदार के माध्यम से ही काम कराने का दावा कर रहे हैं, पर जमीनी स्थिति इससे इतर है। हालांकि कुछ जागरूक लोग निगम के दफ्तर पहुंचकर बिल की जानकारी लेकर बिल जरूर जमा कर रहे हैं। वहीं निगम के अफसरों के दावों के अनुरूप जहां बिल पहुंच भी रहा है, वहां नियमित नहीं पहुंच रहा है।
कही छह माह तो कहीं पांच साल से नहीं आया बिल
जिला मुख्यालय के थाना रोड निवासी सत्यम, विकास भवन से सटे खजूरिया गांव के अरविंद झा ने बताया बिल न मिलने काफी दिक्कत हो रही है। सत्यम ने बताया कि वे समय निकालकर मार्च में बिजली निगम के स्थानीय कार्यालय पहुंचे और पता कराकर बिल जमा किया। इसके बाद से अब तक बिल नहीं आया। मुख्यालय की शिवपुर मुहल्ले के गोविंद, रामनगर मुहल्ले के रामप्रसाद, इंद्रानगर के विजय ने भी छह माह से बिल न मिलने की बात कही।इटवा तहसील क्षेत्र के होरिलापुर गांव निवासी अताउल्लाह और केसराम यादव ने बताया कि पांच वर्ष कनेक्शन लिए हो गया, लेकिन अब तक बिल नहीं आया। एकाध बार गांव के 30 किलो मीटर दूर इटवा बिजली कार्यालय पर जाकर पता करके बिल भुगतान किया। वहां जाने में बहुत परेशानी होती है। अब डर सताने लगा है कि कहीं बिजली निगम बकाए में लंबी रकम का बिल न थमा दे। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के तुलसियापुर गांव निवासी, मदन चौहान, औदही कला गांव निवासी राजेन्द्र प्रसाद, सुमेरुगिरि का कहना है कि कनेक्शन के लिए एक वर्ष से अधिक का समय गुजर गया, लेकिन अभी तक बिजली का बिल नहीं आया है। कैसे बिल का भुगतान करें खुद समझ में नहीं आ रहा है।
बिजली बिल निकालने और वितरण करने वाली कंपनी के टेंडर खत्म होने के कारण कुछ परेशानी हो रही है। हालांकि पूर्व की कंपनी के माध्यम से बिल पहुंचवाया जा रहा है। सितंबर में नई कंपनी के आने के बाद समस्या दूर हो जाएगी।
- पीएन प्रसाद, एक्सईएन विद्युत निगम