डुमरियागंज (सिद्धार्थनगर)। हजरत इमाम हुसैन व कर्बला के शहीदों का बीसवां शुक्रवार की रात शिया बाहुल्य कस्बा हल्लौर में पूरी अकीदत से मनाया गया। अकीदतमंदों ने मरसिया मजलिस का आयोजन कर व अलम, ताबूत, जुलजनाह का जुलूस निकालकर सारी रात नौहा मातम कर कर्बला के शहीदों को खिराजे अकीदत पेश किया।
कर्बला के बहत्तर शहीदों की याद में आयोजित बीसवें के सिलसिले में शिया बाहुल्य कस्बा हल्लौर में मरसिया मजलिस व नौहा मातम का सिलसिला शुक्रवार की सुबह से ही शुरू हो गया था, जो शनिवार की सुबह तक लगातार जारी रहा। शुक्रवार की रात 8 बजे हल्लौर स्थित इमामबाड़ा सेठ बाबा मरहूम में मरसिया मजलिस आयोजित हुई। मरसियाख्वानी हैदरे कर्रार व उनके हमनवा ने की। जबकि मजलिस को जाकिरे अहलेबैत अजीम हैदर रिजवी ने खिताब करते हुए कर्बला के शहीदों की शहादत का वाकया बयां किया। मरसिया मजलिस के बाद इमामबाड़ा सेठ बाबा से अलम, ताबूत, जुलजनाह का जुलूस अंजुमन उरूज मातम द्वारा निकाला गया।
इसी तरह अंजुमन गुंचा मातम द्वारा अलम ताबूत व जुलजनाह का जुलूस इमामबाड़ा हुसैनिया फहम से निकाला गया। जुलूस पूरे कस्बे में नौहा मातम के साथ गश्त कर शनिवार की सुबह साढ़े नौ बजे खत्म हुआ। इसके बाद आयोजित मजलिस को जाकिरे अहलेबैत जमाल हैदर रिजवी ने खिताब करते हुए हजरत इमाम हुसैन की शहादत का मंजर बयां किया। इमाम हुसैन की शहादत का जिक्र सुनकर मजलिस में मौजूद अकीदतमंद हाय हुसैन, हाय कर्बला वालों की सदा बुलंद कर रोने लगे। जुलूस में नफीस हल्लौरी, फजले हैदर, रिंकू, हसन जमाल, रेनू, डा. कायनात, सज्जाद हल्लौरी, हानी, मंजर मास्टर, कामयाब बब्लू, सरफराज, अरमान आरजू, शकील गुड्डू, नौशाद हल्लौरी, सावन हल्लौरी, आरजू रेडीमेड, नायाब हैदर, अनवर अब्बास बब्लू, मंजर आदि ने नौहे पढ़े। जिस पर अकीदतमंदों ने पूरे जोशो-खरोश से मातम किया।
इस दौरान हल्लौर में घर-घर व इमामबाड़ों में मरसिया मजलिस आयोजित की गई। अकीदतमंदों ने नौहा मातम कर कर्बला के शहीदों को खिराजे अकीदत पेश किया। हजरत इमाम हुसैन की सवारी की सबीह (जुलजुनाह) के जियारत के लिए औरतों व मर्दों का हुजूम सेठ बाबा मरहूम के इमामबाड़े व हुसैनिया फहम में उमड़ पड़ा। जगह-जगह अकीदतमंदों के लिए चाय, सबील व ठंडा पानी का स्टाल लगाया गया था। कसीम रिजवी, ताकीब रिजवी, सबी हदर, वशीर हैदर, एस हसनैन बिल्डर, अनवर हुसैन आमिर, मेंहदी हैदर पप्पू, काजिम मेंहदी, शकील हैदर, नियाज हैदर, मार्सल, मंजर इमाम, नौशा, असगर मेंहदी हैदर, शानू, अकबर मेंहदी छब्बन, तनवीर, खुश्बू, मुराद, नौशाद आदि मौजूद रहे।