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डुमरियागंज में भी अविश्वास की कवायद शूरू

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डुमरियागंज (सिद्धार्थनगर)। ब्लॉक प्रमुखों के खिलाफ चल रही अविश्वास की आंधी अब डुमरियागंज तक पहुंच गई है। तीन ब्लॉकों में फतह हासिल करने के बाद सत्ताधारी खेमे ने डुमरियागंज पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। गुपचुप ढंग से बीडीसी से संपर्क साधते हुए उन्हें एकजुट करने की कवायद परवान चढ़ रही है। सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही सदस्यों का समूह डीएम दरबार तक भी पहुंच सकता है। उधर, प्रमुख खेमे की सक्रियता भी बढ़ गई है। अपनी किलेबंदी को मजबूत करने के लिए वह हरसंभव कोशिश में जुटे हुए हैं।
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डुमरियागंज ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी हमेशा सुर्खियों में रही है। पूर्ववर्ती सरकार में भी यहां खूब उठापटक हुई थी और अब सत्ता परिवर्तन के बाद फिर से ऐसे ही हालात बनने लगे हैं। सपा प्रत्याशी के रूप में पूरे दमखम के साथ जीत दर्ज करने वाले मिट्ठू यादव की कुर्सी को चुनौती देने के लिए विरोधी सक्रिय हो गए हैं। बीडीसी सदस्यों से संपर्क साधने के साथ ही प्रमुख के खिलाफ लॉबिंग करते हुए गुपचुप बैठकों का दौर जोरों पर है। बताते हैं कि भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी की बहू यहां से बीडीसी सदस्य हैं। उन्हें ही प्रमुख की कुर्सी पर बिठाने के लिए गोटियां फिट की जा रही हैं। यह प्रयास कुछ माह पहले भी हुआ था, लेकिन तब समीकरण अनुकूल न होने से कवायद थम गई थी। अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं। कुछ बहती हवा के साथ रुख कर चुके हैं तो कुछ सहानुभूति लहर में सहारा बनने आगे आए हैं। सत्ताधारी दल के साथ ही प्रमुख के विरोधी दूसरे खेमे के लोगों के लॉबिंग में जुटने से समीकरण दिलचस्प हो रहे हैं। माहौल को भांपते हुए प्रमुख खेमे ने भी सक्रियता बढ़ा दी है। सूत्रों की मानें तो तीन दिन पहले समर्थकों संग बैठक कर इस खेमे ने हालात पर मंथन भी किया था। सदस्यों को एकजुट रखने के लिए पासे भी फें के हैं। एक-दूसरे के किले में सेंधमारी में किसे सफलता मिलेगी, इस पर सबकी निगाहें लग गई हैं। इस बाबत ब्लॉक प्रमुख मिट्ठू प्रसाद यादव ने बताया कि ब्लॉक क्षेत्र के बीडीसी उनके साथ पुरजोर तरीके से खड़े हैं। अविश्वास प्रस्ताव अगर कोई ला रहा है तो उसे बहुमत के साथ खारिज कराएंगे।

यहां पहले भी हो चुका है तख्तापलट
डुमरियागंज ब्लॉक में तख्तापलट पहले भी हो चुका है। पिछली बार यहां पीस पार्टी के तत्कालीन विधायक मलिक कमाल यूसुफ की पत्नी इशरत जहां प्रमुख बनी थीं। सपा की सत्ता में उन्हें अपदस्थ कर दिया गया था। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि रामकुमार यादव उर्फ चिनकू इसके अगुवा बने थे। उपचुनाव में सुहेल फारुकी की पत्नी रजिया बानो निर्वाचित हुईं। वर्ष 2016 में हुए ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में सपा प्रत्याशी के रूप में रामकुमार के पिता मिट्ठूलाल ने मलिक कमाल के पुत्र सलमान को एकतरफा अंतर से शिकस्त दी थी। इसके बाद से ही यहां दूसरा खेमा पटखनी देने के लिए मौके की ताक में जुटा हुआ है।
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