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बीएसए कार्यालय पर शिक्षामित्रों ने दिया धरना

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सिद्धार्थनगर। संयुक्त समायोजित शिक्षक-शिक्षामित्र संघर्ष मोर्चा ने बीएसए कार्यालय पर गुरुवार को भी धरना दिया। समायोजन की मांग को लेकर नारे लगाए। शिक्षामित्रों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। कहा कि 10 हजार का मानदेय नहीं, पूर्ण समायोजन चाहिए। मांगें पूरी होने तक शिक्षामित्र संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे। शुक्रवार से आंदोलन को तेज करने का एलान किया।
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बीएसए कार्यालय पर धरने में वक्ताओं ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से समायोजन रद्द होने के बाद 16 वर्षों से प्राथमिक विद्यालयों में लगातार शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षा मित्रों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। नौकरी जाने के सदमे में लगातार शिक्षामित्रों की जान जा रही है। जुलाई में प्रदर्शन के बाद सरकार ने आश्वस्त किया था कि शिक्षामित्रों के हितों की रक्षा की जाएगी। संगठन के प्रतिनिधियों के साथ कई चरणों में वार्ता भी हुई। सबको उम्मीद थी कि सरकार शिक्षामित्रों के पक्ष में फैसला करेगी, मगर महज 10 हजार रुपये मासिक का मानदेय तय कर सरकार ने छल किया है। इससे प्रदेश के सभी शिक्षा मित्र आहत हैं। शिक्षा मित्र अपने आपको ठगा महसूस कर रहे हैं। सरकार के इस फैसले से आंदोलन की आग फिर से तेज होने लगी है। शिक्षामित्रों को मानदेय नहीं, समायोजन चाहिए। समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग करते हुए शिक्षा मित्रों ने चेतावनी दी कि अगर सरकार हमारी मांगों पर शीघ्र ठोस फैसला नहीं करती तो आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा। धरने में संघ के जिलाध्यक्ष हेमंत कुमार शुक्ला, श्याम बिहारी चौधरी, यशवंत सिंह, इंद्रजीत यादव, अलका चौधरी, माया चौधरी, रागिनी श्रीवास्तव, बीना पांडेय, मनौवर खां, राजेंद्र यादव, अभिषेक श्रीवास्तव और हरीश आर्या आदि मौजूद रहे।
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