शोहरतगढ़ (सिद्धार्थनगर)। नेपाल के पहाड़ों पर लगातार बारिश के चलते बानगंगा उफनाने लगी है। रविवार को बानगंगा बैराज मेें नदी का जलस्तर खतरे के निशान (93.42 मीटर) तक पहुंच गया। पानी का दबाव बढ़ने से धनौरा के पास नदी का कटान तेज हो गया है। स्थिति को भांपते हुए अफसरों ने आनन-फानन में बैराज के सभी 16 फाटक खोल दिए। भारी मात्रा में पानी फाटक से बाहर निकाला जा रहा है। शाम तक नदी का जलस्तर 92 मीटर बना हुआ था। खतरे को देखते हुए इस क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारी अलर्ट हो गए हैं।
रविवार की भोर में झमाझम बारिश के बाद नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई। नतीजा बैराज के पास जलस्तर 93 मीटर तक पहुंच गया। दिशा बदल चुकी नदी का धनौरा के पास कटान शुरू हो गया। खतरे को देखते हुए ड्रेनेज विभाग के अफसर मौके पर पहुंचे। आनन-फानन में बैराज के सभी 16 फाटक खोल दिए गए, जिससे पानी का दबाव कम किया जा सके। धनौरा के पास कटान रोकने के लिए भी कवायद शुरू हुई। आस-पास के क्षेत्रों से मिट्टी लाकर कटान रोकने का प्रयास किया जा रहा है। नदी के रुख को देखते हुए तटवर्ती गांवों में खतरा गहराने लगा है। लोग भयभीत हैं। उनका कहना है कि प्रशासन ने बांधों की सुरक्षा के दावे किए थे, लेकिन शुरुआती बारिश में ही इसकी पोल खुल गई है। यही हाल रहा तो बांध कभी भी टूट सकता है। इस संबंध में बानगंगा ड्रेनेज खंड के अवर अभियंता एमटी राय ने बताया कि बानगंगा बैराज पर जलस्तर खतरे के निशान से नीचे चल रहा है। बानगंगा-धनौरा के पास एक स्थान पर रविवार सुबह बारिश के चलते नदी के जलस्तर में वृद्धि होने से कटान हो गया था। इसे रोकने का काम जारी है। फिलहाल स्थिति खतरे से सामान्य है। बता दें कि पिछले दिनों भी धनौरा के पास नदी ने करीब 20 मीटर तक पटरी काट दी थी।
रतजगा कर रहे तटवर्ती गांवों के लोग
बरसात का दौर शुरू होते ही नदी के किनारे बसे लोगों के रातों की नींद अभी से उड़ गई है। नदी में बढ़ते-घटते जलस्तर और जर्जर बांध पर हो रहे कटान से कछार क्षेत्र समेत बंधों पर जीवनयापन करने वाले लोग बाढ़ के डर से सहमे हुए हैं। मौसम विभाग की ओर से भारी बरसात से प्रशासन को एलर्ट किया गया था। इस दौरान जनपद क्षेत्र में भारी बरसात तो नहीं हुई , लेकिन रुक-रुक कर हो रही बरसात से जर्जर बांध पर कटान होना शुरू हो गया है। बंधे किनारे बसे लोग अपने गांव व परिवार और नदी के बंधों की सुरक्षा को लेकर रतजगा कर रहे हैं।