सिद्धार्थनगर। सदर और मिठवल ब्लॉक में अविश्वास पास होने के बाद आज बढ़नी की ब्लॉक प्रमुख विफई देवी को अग्नि परीक्षा से गुजरना होगा। शक्ति परीक्षण के लिए दोनों खेमे कमर कस चुके हैं। जबकि पर्याप्त सदस्यों के समर्थन का दावा भी किया है। हालांकि इसके बावजूद उनकी बेचैनी बरकरार है। शक्ति परीक्षण से ठीक पहले रविवार को दोनों ही खेमे अपने समर्थकों को सहेजने में जुटे रहे। धनबल-बाहुबल के प्रभाव से दूर रखकर किले को सेफ करने की अंतिम कोशिश देर रात तक जारी रही।
अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित बढ़नी ब्लॉक प्रमुख पद पर वर्ष-2016 में विफई देवी सपा प्रत्याशी के रूप में आठ मतों के अंतर से निर्वाचित हुई थीं। कुल 72 में से उन्हें 40 वोट मिले थे। सूबे में सत्ता परिवर्तन के बाद बदले राजनीतिक समीकरण में विपक्षी खेमे ने 45 सदस्यों के साथ डीएम को शपथ पत्र सौंपते हुए प्रमुख को अल्पमत में ठहराया है। इसके परीक्षण के लिए डीएम ने 10 जुलाई की तिथि निर्धारित की है। दोनों ही खेमे इस तिथि पर खुद को बीस साबित करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाए हैं। प्रतिष्ठा का सवाल बन चुकी प्रमुख की कुर्सी की जंग पिछले दिनों थाने तक भी पहुंच चुकी है। शक्ति परीक्षण के दौरान भी दोनों खेमे एक-दूसरे पर बढ़त बनाने के लिए हर संभव कोशिश में जुटे हुए हैं। इसके लिए रविवार को पुरजोर कोशिश जारी रही। दोनों ही खेमे अपने पास बहुमत होने का दावा करते रहे। किसका दावा कितना सच्चा है, यह आज शक्ति परीक्षण के बाद स्पष्ट हो जाएगा।
सत्ता के दबाव पर जताया गड़बड़ी का शक
प्रमुख विफई देवी ने अपने पास बहुमत के सदस्यों का दावा करते हुए कहा कि वह शक्ति परीक्षण में पूरी मजबूती से उतरेंगी। सदस्यों के मान-सम्मान का पूरा ख्याल रखा है। भरोसा है कि वह अंतिम समय तक साथ देंगे। उन्होंने विपक्ष पर गड़बड़ी कराने की आशंका जताई। कहा कि सत्ता के दबाव में विरोधी किसी हद तक जा सकते हैं। इस बाबत शिकायत उच्चाधिकारियों से भी की गई है।
अविश्वास के पक्ष में हैं बहुमत के सदस्य
दूसरी ओर प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए सदस्यों की अगुवाई कर रहीं शांति पासवान के पुत्र संतोष पासवान ने दावा किया कि बहुमत से अधिक सदस्य अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में हैं। 45 सदस्यों ने डीएम को शपथ पत्र सौंपा था। सभी अविश्वास के पक्ष में वोट करेंगे। ब्लॉक प्रमुख ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया है जिससे बढ़नी विकास में पीछे रह गया। सदस्य इसके खिलाफ अविश्वास के लिए वोट देंगे।