डुमरियागंज थाने में जेवरात व नकदी से भरा बैग दंपती को सौंपा गया।
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डुमरियागंज। मुंबई जा रहे दंपती को जेवरात और 25 हजार नकद रखे बैग के गुम होने पर जहां उन्हें घोर निराशाजनक स्थिति से गुजरना पड़ा वहीं सिपाही द्वारा उसे सुरक्षित उपलब्ध कराने पर दंपती को खुशी का ठिकाना न रहा।
नगर पंचायत के वार्ड नंबर 13 निवासी मोहम्मद तैय्यब अपनी पत्नी मैहरुन्निशा के साथ बुधवार की शाम मुंबई अपने परिवार में होनेवाले शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। मैहरून्निशा बैग में अपने कपड़े के साथ ही 25 हजार नकदी और पहनने व देने के लिए जेवरात भी साथ ले जा रही थीं। डुमरियागंज मंदिर चौराहे पर बस्ती जाने के लिए दोनों एक मैजिक वाहन में बैठे थे। सवारी बैठाने के चक्कर में ड्राइवर ने जेवरात वाला बैग नीचे जमीन पर उतार दिया। सवारी बैठाने के बाद बिना बैग रखे ही चालक वहां से गाड़ी बस्ती रवाना कर दिया। उधर चौराहे पर बैग लावारिस पड़ा रहा। चौराहे पर रात्रि ड्यूटी पर तैनात सिपाही जयप्रकाश की नजर बैग पर पड़ी, तो वह लोगों से बैग किसकी है, पूछा। मगर किसी ने उस पर अपना हक नहीं जताया। जयप्रकाश बैग थाने पर ले आया। करीब 11 बजे रात में तैय्यब बैग को ढूंढते हुए थाने पर सूचना देने पहुंचा।
इस दौरान जयप्रकाश ने बैग लाकर उसे दिखाया तो दोनों खुश हो गए। दोनों ने बैग खोलकर उसमें रखा 25 हजार रूपया और जेवर चेक किया, तो सब ठीक था। डुमरियागंज प्रभारी थानाध्यक्ष राजेन्द्र प्रताप सिंह यादव ने बताया कि लावारिस बैग सिपाही को मिला था जिसे उसके मालिक को सौंप दिया गया ।