इटवा (सिद्धार्थनगर)। तहसील क्षेत्र के पांच गांवों में 21 दिनों से लगभग आठ हजार लोग अंधेरे में है। 29 अप्रैल को आई आंधी में बिजली के खंभे टूट जाने के कारण आपूर्ति ठप हो गई थी। तब से अब तक बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ है, जो लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। विभागीय जिम्मेदार समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
29 अप्रैल की रात आई तेज आंधी में तहसील क्षेत्र के फूलपुर पांडेय, भलुईया, गोविंदपुर, मधवापुर व चुड़िहार आदि गांव में बिजली का पोल और तार गिर टूटकर गिर गया था। 21 दिन बाद भी खंभों को दुरुस्त कर बिजली आपूति शुरू नहीं की गई। इससे भीषण गर्मी में इन गांवों की लगभग आठ हजार आबादी परेशान है। इस संबंध में एसडीओ पवन कुमार ने बताया कि विद्युत खंभा बदलने के लिए कागजी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। जल्द से जल्द दूसरा खंभा लगवाकर आपूर्ति सुचारु कराई जाएगी।
लो-वोल्टेज से नहीं मिल रही बिजली
इटवा। कठेला क्षेत्र में बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से लडख़ड़ा गई है। इसके चलते नागरिकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। रमजान के पाक महीने में रोजेदारों के सामने कई संकट आ गया है। बिजली की नियमित आपूर्ति न होने से रोजेदार और आम आदमी परेशान हैं। क्षेत्र के रईस, रजाउल्लाह, मोहम्मद कफील, सनाउल्लाह, मकबूल, मुश्ताक, सलीमुद्दीन, इबरार, मनौवर, सुलेमान, अकबाल आदि ने बताया कि क्षेत्र में 29 अप्रैल को आई आंधी-पानी के बाद बिजली आपूर्ति का कोई निश्चित समय नहीं है। लो-वोल्टेज की समस्या से लोग परेशान है। इसके बाद भी विभागीय जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे है।