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गेहूं खरीद बंद, किसानों की बढ़ी परेशानी

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गेहूं
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सिद्धार्थनगर। जिले में गेहूूं खरीद का बुरा हाल है। किसान क्रय केंद्रों का चक्कर लगा रहे है, लेकिन विभाग गेहूं नहीं खरीद रहा है। ऊपर से विभाग की ओर से यह दलील दी जा रही है कि गोदामों पर गेहूं भरा होने के कारण खरीदारी नहीं की जा रही है। ऐसे में किसानों को समझ नहीं आ रहा वह करें तो क्या करें। जबकि 15 जून गेहूं खरीद की अंतिम तिथि है। ऐसे में 25 दिन के अंदर 15000 मीट्रिक टन से अधिक खरीदारी विभाग कैसे करेगा। यह अपने आप में बड़ा सवाल है।
सरकार किसानों की आय दोगुना करने के लिए तमान दावे कर रही हो लेकिन हकीकत कोसों दूर है। जिम्मेदार सरकार की मंशा पर पानी फेर रहे है। किसानों का शत प्रतिशत गेहूं खरीदने के लिए शासन ने जिले में विभिन्न संस्थाओं के 118 क्रय केंद्र खुलवाए। एक अप्रैल से शुरू होने वाली खरीद 10 मई तक पहुंचते-पहुंचते ठप हो गई है। हाल यह है कि किसान अपनी उपज बेचने के लिए क्रय केंद्रों की परिक्रमा लगा रहे है। लेकिन इसके बाद भी उनका गेहूं नहीं खरीदा जा रहा है। क्रय केंद्र प्रभारी यह कहकर पल्ला झाड़ ले रहे हैं कि भंड़ारण केंद्र पर गेहूं नहीं उतरवा रहे हैं। क्रय केंद्र का गोदाम भरा हुआ है, जब खाली होगा तो खरीदा जाएगा। इसमें कितना समय लगेगा यह जवाब केंद्र प्रभारियों के पास भी नहीं है।
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गोदाम भरा होने की बात कहकर लौटा रहे
इटवा तहसील क्षेत्र के महुआ खुर्द गांव निवासी किसान शाजिद, डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के लोहटी गांव निवासी किसान अकबाल, डेगहर जोत गांव निवासी किसान अब्दुल रज्जाक का कहना है कि गेहूं बेचने के लिए 10 अप्रैल से ही क्रय केंद्रों का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अभी तक गेहूं तौल नहीं हो सका है। कभी गोदाम भरा होने तो कभी समय न की बात कहकर लौटा दिया जा रहा हैं। जबकि 100 रुपये बोरी के हिसाब से घूस देने वाले व्यापारियों को बोरा देकर उनका गेहूं खरीदा जा रहा है। इसे लेकर कई बार तकरार की भी नौबत आ चुकी है। बावजूद इसके किसानों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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