जोगिया (सिद्धार्थनगर)। बानगंगा बैराज से निकली मुख्य नहर सनई व पिपरा पांडेय गांव के पास टूट गई है, जिससे आधा दर्जन से अधिक गांव के सैकड़ों किसानों का 400 बीघा से अधिक खेत जलमग्न हो गया है। इसमें अधिकांश किसानों की रोपी गई धान की फसल डूब गई है तो वहीं कुछ किसान अधिक पानी भर जाने के कारण रोपाई नहीं कर पा रहे हैं। नहर टूटे चार दिन गुजर गए, लेकिन अभी तक उसकी मरम्मत नहीं हो पाई है। विभागीय उदासीनता किसानों पर भारी पड़ रही है।
कभी खेतों की प्यास बुझाने वाली बानगंगा की मुख्य नहर किसानों के लिए मुसीबत बन रही है। सनई व पिपरा पांडेय गांव के पास नहर टूटने से सैलाब जैसा नजारा दिख रहा है। पानी ने 400 बीघा से अधिक खेत को अपने आगोश में ले लिया है। जलमग्न होने के कारण जहां रोपाई कर चुके किसानों की फसल खराब होने का भय सता रहा है तो वहीं रोपाई नहीं कर पाने वाले किसानों को खेती पिछड़ने की चिंता सता रही है। नहर टूटने से पिपरा पांडेय, सिसवा खुर्द, सिसवा बुजुर्ग पतसिया, सिंगिया, कटया दुबे, सोनवल, सनई लंगड़ी, सनई सहित आधा से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं। अगर नहर की मरम्मत जल्द नहीं हुई तो गांव में भी पानी घुसने से इनकार नहीं किया जा सकता है। किसानों का कहना है कि नहर चार दिनों से टूटी हुई जो धीरे-धीरे और कट रही है। मगर अभी तक कोई विभागीय अधिकारी व कर्मचारी नहर को देखने तक नहीं आए हैं। यही हाल रहा तो जो फसल लगी है, वह पानी से खराब हो जाएगी और जो रोपी नहीं गई है वह पिछड़ जाएगी। इस बाबत ड्रेनेज खंड के जेई मतेश्वर राय ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। जल्द ही इसकी मरम्मत कराई जाएगी।