शोहरतगढ़ (सिद्धार्थनगर)। डीएम की अध्यक्षता में आयोजित तहसील दिवस में भी फरियादियों को त्वरित न्याय नहीं मिल सका। सभी विभागों के आला अफसरों की मौजूदगी के बावजूद कुल 70 प्रार्थना पत्रों में सिर्फ 5 का ही मौके पर निस्तारण हो सका। अन्य मामलों के निस्तारण के लिए डीएम ने संबंधित विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश दिया। साथ ही बिना लापरवाही किए समय से मामलों के निस्तारण का निर्देश दिया।
तहसील दिवस में राजस्व के 20, पुलिस के 26, विकास के 8, शिक्षा के 1 समेत 70 प्रार्थना पत्र पहुंचे। राजस्व के पांच मामले ही निस्तारित हो सके। डीएम कुणाल सिल्कू ने अफसरों को निर्देशित किया कि शासन की मंशानुसार जनता की समस्या का समाधान कराएं। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही पर जिम्मेदारों को बख्शा नहीं जाएगा। इस दौरान एसपी सत्येंद्र कुमार, सीडीओ अनिल मिश्र, सीएमओ डॉ. राजेंद्र कपूर, एसडीएम सत्यप्रकाश सिंह, तहसीलदार मंजूर अहमद, सीओ जटाशंकर राव, नायब तहसीलदार सुरेंद्र कुमार, बीएसए अरविंद पाठक, एसओ शमशेर बहादुर सिंह, चिल्हिया एसओ अरविंद कोरी, बढनी बीईओ अभिमन्यु प्रसाद, ईओ विकास आनंद, ओमप्रकाश गिरी, धनेश्वरी लाल, मंडी समिति सचिव रामजी यादव आदि मौजूद रहे।
बोले फरियादी: त्वरित निर्णय लेने में विफल हैं अफसर
तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र लेकर पहुंचे 65 फरियादी निराश लौट गए। इनमें व्यवस्था के प्रति नाराजगी थी। महमुदवा ग्रांट के प्रधान अलबेदुन्निशां पति अबू शहमा ने सेक्रेटरी को अपने गांव से स्थानांतरण करने के संबंध में प्रार्थना पत्र दिया। चिल्हिया थाना क्षेत्र के गंगाराम महदेवा गांव के मिथिलेश कुमार त्रिपाठी ने देशी शराब के दुकान को आबादी के बीच से हटवाने की गुहार लगाई। महथा गांव के अब्दुल करीम ने बेटे का जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन दिया। बताया कि कई बार प्रार्थना पत्र देने के बाद भी पिछड़ा वर्ग का प्रमाण पत्र तहसील से निर्गत करने में जिम्मेदार हीलाहवाली कर रहे हैं। ढेबरुआ गांव के युनूस व चिल्हिया के मनोज शुक्ल ने कोटेदार के संबंध में शिकायत पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। कंदवा गांव के जगदीश चौरसिया ने अपने दुकान में चोरी होने की सूचना के बाद भी पुलिस की ओर से कार्रवाई न करने पर शिकायत पत्र दिया है। पिकौरा के अकबर अली व सुखदीन ने राशन कार्ड बनवाने के संबंध में प्रार्थना पत्र दिया। ग्राम बभनी के सलीम ने प्रधान की ओर से कराए एक साल के विकास कार्यों के बारे में सूचना मांगी। ग्राम मसिना निवासी रामरती ने जमीन पर कब्जा के संबंध में प्रार्थना पत्र दिया। रामरती का आरोप है कि कई बार तहसील दिवस व थाना दिवस में प्रार्थना पत्र देने के बाद भी अधिकारियों की ओर से न्याय नहीं मिला। मायूस लौटे फरियादियों का कहना था कि तमाम मामले ऐसे थे, जिसमें त्वरित निर्णय से समाधान हो सकता था, बावजूद अफसर निर्णय नहीं कर सके। अब उन्हें फिर से चक्कर लगाना होगा।
राजस्व के 15 मामलों का मौके पर निस्तारण
सिद्धार्थनगर। जन शिकायतों के समाधान के लिए मंगलवार को स्थानीय तहसील में आयोजित तहसील दिवस में 53 मामले पेश हुए। एडीएम बाबूराम की अध्यक्षता में आयोजित तहसील दिवस में सर्वाधिक 31 मामले राजस्व के रहे। इसमें 15 का मौके पर निस्तारण किया गया। पुलिस के 9, विकास विभाग के 9 व अन्य विभागों से संबंधित पांच प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। एडीएम ने संबंधित अफसरों को शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण समाधान कर रिपोर्ट प्रेषित करने की हिदायत दी। इस मौके पर सदर एसडीएम डॉ. महेंद्र कुमार, सीओ मो.अकमल खां, तहसीलदार मदनमोहन वर्मा, नायब तहसीलदार अश्वनी कुमार आदि मौजूद रहे।
बांसी में 60 मामले पेश, सात का निस्तारण
बांसी। तहसील सभागार में मंगलवार को एसडीएम बांसी प्रबुद्ध सिंह की अध्यक्षता में आयोजित तहसील दिवस में कुल 60 मामले पेश हुए। इसमें महज सात मामले का निस्तारण मौके पर हो सका। राजस्व का 25, पुलिस का 13, विकास का 11, बिजली का 3, चकबंदी व पीडब्लूडी से जुड़े दो-दो, शिक्षा, जलनिगम, आपूर्ति व स्वास्थ्य विभाग का एक-एक मामला पेश हुआ। राजस्व विभाग के सात मामले का निस्तारण मौके पर हुआ। इस अवसर पर नायब तहसीलदार बांसी केशरी नंदन त्रपिाठी, सीओ महिपाल पाठक, कोतवाल अनिल कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।