सिद्धार्थनगर। आधे-अधूरे हाईवे के गड्ढों ने मंगलवार को एक शिक्षिका की जान ले ली। सदर थाना अंतर्गत सकतपुर गांव के पास सामने से अचानक आई बाइक की टक्कर से स्कूटी पर सवार शिक्षिका गड्ढे में गिर गईं, सिर में गंभीर चोट के कारण मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हादसे में शिक्षिका के पति को भी चोट आई है। बाइक सवार मौके से फरार हो गए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
हापुड़ के थाना गुलावाटी निवासी सुदेश वर्मा की पत्नी गरिमा वशिष्ठ (33) जोगिया के लमटी प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका के रूप में कार्यरत थीं। वह नगर से सटे भीमापार गांव में किराए के मकान में परिवार के साथ रहती थीं। मंगलवार सुबह गरिमा पति के साथ स्कूल जा रही थीं। नौगढ़-बांसी मार्ग पर सकतपुर गांव के पास अचानक एक बाइक सवार सामने आ गया। इससे बाइक और स्कूटी में टक्कर हो गई और स्कूटी सवार दंपती गड्ढे में गिर गए। शिक्षिका गरिमा के सिर में गंभीर चोट आई। आनन-फानन में आस-पास के लोगों की मदद से उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने शिक्षिका को मृत घोषित कर दिया। पति सुरेश के हाथ में हल्की चोट आई। घटना की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया। बड़ी संख्या में शिक्षक भी अस्पताल पहुंच गए। सदर एसओ डीके श्रीवास्तव के मुताबिक घटना के संबंध में कोई तहरीर नहीं मिली है। सूचना के आधार पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा है। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हेलमेट से सुरक्षित बच गए पति
बताते हैं कि बाइक की टक्कर से स्कूटी सवार पति-पत्नी दोनों सड़क के गड्ढे में गिर गए थे। हेलमेट होने के चलते सुदेश सुरक्षित बच गए, जबकि पत्नी गरिमा के सिर में गंभीर चोट आई, जिससे उसकी मौत हो गई। सुदेश का कहना था कि उनकी रफ्तार सामान्य थी। अचानक से बाइक सामने आने और फिर गड्ढों के चलते स्कूटी लड़खड़ा गई। खुद को संभालते हुए वह तत्काल सड़क पर गिरी पत्नी की ओर लपके, मगर चंद मिनटों में ही उनकी सांस थम चुकी थी। हापुड़ में ही एक निजी इंटर कॉलेज में शिक्षक सुदेश का कहना था कि उन्हें पता होता कि ऐसी घटना होगी तो वह कभी भी पत्नी को यहां नौकरी के लिए नहीं भेजते। बता दें कि गरिमा वशिष्ठ की तैनाती सितंबर 2016 में ही जिले में हुई थी।
हादसे के लिए प्रशासन जिम्मेदार: शिक्षक संघ
प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका गरिमा की सड़क हादसे में मौत पर शिक्षक संघ उद्वेलित हो उठा है। संघ ने हादसे के लिए जिला प्रशासन की लापरवाही और शिक्षा विभाग के मनमाने आदेश को जिम्मेदार ठहराया है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी ने कहा कि जिले की सड़क बेहद खराब है। सड़क के गड्ढों के कारण शिक्षकों के साथ आए दिन हादसे हो रहे हैं, बावजूद अफसर सड़क बनवाने पर गंभीर नहीं हो रहे। उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी के सुबह आठ बजे तक वाट्सएप पर हाजिरी भेजने के आदेश की भी कड़ी आलोचना की। कहा कि मनमाने ढंग से बीएसए ने जिले में यह आदेश लागू किया है। इसके चलते समय से स्कूल पहुंचने की हड़बड़ी में गड्ढायुक्त सड़क पर हादसों के शिकार हो रहे हैं। बताया कि संघ इस मामले में डीएम और बीएसए को ज्ञापन देकर इस आदेश को वापस लेने की मांग करेगा। अगर आदेश को वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन होगा।
बच्चों के सिर से छिना मां का साया
बच्चों को स्कूलों पर भेजकर पत्नी गरिमा को हंसते हुए स्कूल ले जा रहे सुदेश के सामने ही गरिमा एक झटके में मौत हो गई। आंखों के सामने हुआ हादसा सुदेश के जेहन में बार-बार मंडरा रहा था। अस्पताल में सुदेश फफक कर रो रहा था। अस्पताल में मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो जा रही थीं। वहीं, चार वर्षीय पुत्र देव और छह वर्षीय पुत्री भूमि, जो सुबह मां के दुलारने और जल्द लौटकर आने का वादा करने के बाद स्कूल गए थे, उन्हें यह पता ही न था कि अब उनकी मां उनके बीच नहीं रही। उन्हें तो मां के स्कूल से लौटने का इंतजार था। अभी इसी वर्ष दोनों का शहर के सेंट जेवियर्स स्कूल में नामांकन हुआ था। सुदेश अपने गृह जनपद हापुड़ में एक इंटर कॉलेज में प्राइवेट शिक्षक के रूप में तैनात हैं। 10 माह पूर्व गरिमा का जिले में सहायक शिक्षक के पद पर जोगिया ब्लॉक के लमटी गांव स्थित प्राथमिक विद्यालस पर तैनाती हुई थी। हादसे से दो मासूमों के सिर मां का साया छिन गया तो पति का पत्नी से साथ छूट गया।