नेपाल के परसा जिले का मामला,तीन पुलिस कर्मियों सहित छह घायल
कपिलवस्तु/सिद्धार्थनगर। नेपाल के परसा जिले में भारत-नेपाल सीमा पर बुधवार को कद्दू (कोहड़ा) के बीजों की बड़ी खेप पकड़ी गई। नेपाल पुलिस और आर्म्ड पुलिस फोर्स (एपीएफ) ने संयुक्त कार्रवाई में 12.88 टन कद्दू बीज बरामद किए, जिनकी कस्टम कीमत करीब 90.16 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस के अनुसार यह खेप नेपाल से भारत भेजी जा रही थी।
पुलिस को सूचना मिली थी कि परसा जिले के बौधिमाई गांवपालिका-7 स्थित बांकुल टोले के सीमा क्षेत्र में बड़ी मात्रा में बीज छिपाकर रखे गए हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने छापेमारी कर बीज बरामद कर लिए। हालांकि कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया और पुलिस टीम पर पथराव कर दिया।
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए छह राउंड आंसू गैस के गोले दागने पड़े। घटना में तीन स्थानीय लोग और तीन पुलिसकर्मी मामूली रूप से घायल हुए हैं। पुलिस ने बरामद बीजों को कब्जे में लेकर कस्टम कार्यालय को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जानकार बताते हैं कि नेपाल से सटे सिद्धार्थनगर और महाराजगंज जिले लंबे समय से कृषि उत्पादों, खाद्यान्न, उर्वरक और बीजों की तस्करी के लिहाज से संवेदनशील माने जाते हैं। हाल के महीनों में कद्दू बीज की लगातार बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। एजेंसियां मान रही हैं कि इसके पीछे संगठित नेटवर्क सक्रिय है, जिसकी पड़ताल की जा रही है।
नेपाल पुलिस के प्रवक्ता डीएसपी बसंत गौतम ने बताया कि शुरुआती जांच में बीजों को अवैध रूप से भारतीय सीमा में भेजे जाने की आशंका है। मामले में तस्करी नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।
सीमा पर बढ़ रहा कद्दू बीज का अवैध कारोबार
- भारत-नेपाल सीमा से कद्दू बीज की तस्करी का यह पहला मामला नहीं है। हाल ही में महाराजगंज जिले के ठूठीबारी क्षेत्र में पुलिस और एसएसबी ने 40 क्विंटल से अधिक कद्दू बीज से लदी नेपाली ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ी थी। इससे पहले भी कई बार बड़ी खेप बरामद हो चुकी है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि भारतीय बाजार में कद्दू बीज की बढ़ती मांग ने इस अवैध कारोबार को बढ़ावा दिया है। ड्राई फ्रूट, हेल्थ सप्लीमेंट और खाद्य उद्योग में उपयोग होने वाले इन बीजों की कीमत सामान्य कृषि उत्पादों की तुलना में कहीं अधिक होती है। यही वजह है कि तस्कर नेपाल के रास्ते विदेशी या थोक बीजों को छोटे वाहनों, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और कैरियरों के माध्यम से भारतीय सीमा तक पहुंचाने की कोशिश करते हैं।
क्यों बढ़ रही कद्दू बीज की तस्करी
- ड्राई फ्रूट और हेल्थ सप्लीमेंट के रूप में बढ़ी मांग
- कम लागत में अधिक मुनाफा
- खुली भारत-नेपाल सीमा का फायदा
- छोटे वाहनों से आसानी से ढुलाई
- सीमा बाजारों में तैयार खरीदारों का नेटवर्क
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