सिद्धार्थनगर। परिषदीय स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था सुधारने और 6500 शिक्षकों की शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बना मॉनिटरिंग सेल वर्तमान में कागजों में चल रहा है। यह सेल औचक फोन कर शिक्षक से उसकी लोकेशन पूछता था और समय से स्कूल न पहुंचने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई होती थी। सूत्रों की माने तो करीब माह सेल एक्टिव न होने से शिक्षकों की अनुपस्थिति बढ़ती जा रही है। अफसरों के निरीक्षण में इसकी पुष्टि हो चुकी है।
बीएसए कार्यालय पर पिछले साल मॉनीटरिंग सेल का गठन किया गया था। सेल पर शिक्षकों की तैनाती की गई थी। यहां से शिक्षक औचक फोन पर शिक्षकों का लोकेशन पूछते थे।
इसी क्रम में क्रॉस चेकिंग भी होती थी। यह व्यवस्था लागू होने के बाद शिक्षकों की उपस्थिति सुधरी थी। जैसे ही व्यवस्था धड़ाम हुई और सेल बंद हुआ तो फिर से स्कूलों शिक्षकों की अनुपस्थिति बढ़ गई। यही वजह है कि लगातार बीएसए के औचक निरीक्षण के बाद भी शिक्षकों की मौजदूगी स्कूलों में बढ़ नहीं पा रही है। बीएएस राम सिंह ने बताया कि मानीटरिंग सेल को जल्द से जल्द एक्टिव किया जाएगा। जिससे कि क्रॉस चेकिंग कर शिक्षकों की उपस्थिति स्कूलों में बढ़ाई जा सके। शिक्षकों के स्कूल न पहुंचने की शिकायतें लगातार मिल रही है। इस बाबत औचक निरीक्षण भी किया जा रहा है।
सेल में तीन लोग तैनात थे ः मॉनीटरिंग सेल में दो शिक्षक और एक अनुदेशक की तैनाती थी। सूत्रों के अनुसार, करीब छह माह पूर्व इनकी तैनाती अन्यत्र कर दी गई और सेल में दूसरी तैनाती नहीं हुई।
ऐसी होती थी क्रॉस चेकिंग
बीएसए कार्यालय में स्थ्ाापित मॉनीटरिंग सेल से पहले संबंधित स्कूल के प्रधानाध्यापक को फोन आता था। उनके संबंधित स्कूल के शिक्षक से बात कराने के लिए कहा जाता था। वहीं प्रधानाध्यापकों की मौजूदगी जांचने के लिए शिक्षक को फोन किया जाता था।