डीएम कुणाल सिल्कू ने रविवार शाम बड़े पैमाने पर लेखपालों के कार्यक्षेत्र में फेरबदल किया। शासनादेश के क्रम में एक तहसील में 10 वर्षों से कार्यरत 117 लेखपाल का तबादला किया गया है।
डीएम ने बताया कि शासनादेश के अनुसार 117 लेखपालों का तबादला किया गया है जो 10 वर्षों से एक तहसील में कार्यरत रहे हैं। लगभग सभी तहसीलों से लेखपालों का स्थानांतरण किया गया है। तहसील स्तरीय पदाधिकारियों का भी तबादला किया गया। जिला स्तरीय पदाधिकारियों को नियम के तहत छूट मिली है। ऐसे लेखपाल जो दो वर्ष में सेवानिवृत्त हो रहे हैं, उन्हें भी ट्रांसफर लिस्ट में नहीं रखा गया है। सूची बनाते समय दिव्यांग लेखपालों को छूट दी गई है। किसी ऐसे पात्र का ट्रांसफर हो गया तो उस पर विचार किया जाएगा।
लेखपाल संघ ने तबादला प्रक्रिया को नियम विरुद्ध बताया
लेखपाल संघ ने तबादला प्रक्रिया को नियम विरुद्ध बताते हुए विरोध दर्ज कराया। डीएम से प्रतिनिधिमंडल ने मिलकर तबादला सूची का फिर से अवलोकन करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि ऐसे लेखपाल का तबादला किया गया है जो पूर्व में तैनात रहे दिव्यांगों का भी ट्रांसफर किया गया है। तबादला का प्रतिशत भी मानक के अनुरूप नहीं है। प्रशिक्षु को पूर्णकालिक मानते हुए 629 की संख्या दर्ज की गई है। किसी से आवेदन भी नहीं मांगा गया है। गृह तहसीलों में भी स्थानांतरण नहीं किया गया। प्रतिनिधिमंडल में जिलाध्यक्ष अजय गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामकरन गुप्ता, जिला मंत्री रामसमुझ, कनिष्ठ उपाध्यक्ष देवानंद, उपमंत्री रामदेव यादव, कोषाध्यक्ष सुधीर कुमार श्रीवास्तव, संगठन मंत्री श्यामनाथ यादव आदि मौजूद रहे।