सिकहरा गांव में गेहूं के खेत में बैठा फिशिंग कैट।
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डुमरियागंज। गांव के बाहर घूमने गए युवकों को गेहूं के खेत में हलचल दिखने पर चिल्लाते हुए गांव में आकर सीवान में टाइगर की बात कहने लगे। इसके बाद से गांव में दहशत का माहौल कायम हो गया। लोगों के घरों के सामने बंधी बकरी, गाय, भैंसों को लोग घरों में कैद करने लगे। इस पर किसी ने फोन पर पुलिस को मामले की जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस और वन विभाग की टीम ने खेत में देखा तो वहां टाइगर की जगह फिशिंग कैट मिला। जिसे पकड़कर धनखरपुर नर्सरी में रखा गया है। डुमरियागंज वन रेंज के सिकहरा गांव स्थित आमी नदी के उद्गम स्थल (तालाब) के किनारे गेहूं के खेत में युवक को टाइगर जैसा जानवर दिखाई दिया।
सूचना पर डुमरियागंज इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह और वन दरोगा तिलकराम की टीम ने टाइगर देखे जाने वाली जगह पर नाकाबंदी कर दी। इसके बाद टीम ने ध्यान से देखा तो वहां टाइगर की जगह फिशिंग कैट मिली। इस पर ग्रामीण लाठी-डंडा लेकर फिशिंग कैट पर टूट पड़े। इस पर वन विभाग के कर्मचारियों ने फिशिंग कैट को कब्जे में लेकर डुमरियागंज स्थित फारेस्ट विभाग के आफिस ले आए। इसके बाद उसका पशु अस्पताल में इलाज कराने के बाद धनखरपुर नर्सरी में रखवा दिए। डुमरियागंज वन क्षेत्राधिकारी विनय श्रीवास्तव ने बताया कि गांव के लोगों ने टाइगर की सूचना दी थी। मगर मौके पर जाने पर खेत में फिशिंग कैट मिली। फिशिंग कैट बिल्ली की ही प्रजाति की एक जानवर है, जो जंगलों में रहती है।