सिद्धार्थनगर।जिला जेल के सामने स्थित ग्राउंड में आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में कई मामलों में अनूठा रहा। एक ओर समारोह में जाति-धर्म के बंधन टूटे दूसरी ओर अमीर-गरीब की खाई भी मिटी। एक ही पंडाल के नीचे एक साथ 159 जोड़ों का हिंदू रीति रिवाज से विवाह हुआ, जबकि अल्पसंख्यक वर्ग के 12 जोड़ों का निकाह मुस्लिम परंपरा के अनुसार कराया गया।
पूर्वाह्न 11 बजे से शुरू हुए समारोह में वर-वधू के जोड़ों को 14 पंक्तियों में बैठाया गया। प्रभारी मंत्री चेतन चौहान, सांसद जगदंबिका पाल, विधायक डॉ.सतीश द्विवेदी, डीएम कुणाल सिल्कू, सीडीओ अनिल कुमार मिश्र, एसपी डॉ.धर्मबीर सिंह आदि ने हर जोड़े के पास पहुंचकर आशीर्वाद और नेग दिया। बतौर मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री ने कहा कि यह अद्भुत आयोजन है। सपा सरकार में दस हजार रुपये का शादी अनुदान पाने के लिए कन्या पक्ष के लोगों को सरकारी दफ्तरों में धक्के खाने पड़ते थे, मगर भाजपा सरकार ने सामूहिक विवाह योजना के जरिए उनकी हर मुश्किल दूर कर दी है। सिर्फ पंजीकरण कराने के बाद सरकार ऐसे समारोह में न सिर्फ विवाह कराएगी, बल्कि खाते में 20 हजार रुपये भी दे रही है। यह किसी जाति-धर्म विशेष का आयोजन नहीं, बल्कि समाज का आयोजन है। आगे इसे और भी बड़ा रूप दिया जाएगा। सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि अब गरीब पिता को बेटी के शादी की चिंता नहीं रहेगी। सरकार धूमधाम से उनके बेटियों की शादी करेगी। कार्यक्रम में विधायक चौधरी अमर सिंह, श्यामधनी राही, राघवेंद्र प्रताप सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष श्याम बिहारी जायसवाल, जिला पंचायत की पूर्व अध्यक्ष साधना चौधरी सहित एडीएम प्रमोद शंकर शुक्ल, एसडीएम सदर डॉ.महेंद्र कुमार, डिप्टी सीएमओ डॉ.विजय कुमार, तहसीलदार नंद प्रकाश मौर्य, सीओ सदर डीके सिंह आदि मौजूद रहे।
पंचायतीराज ने विभाग ने इज्जतघर, स्वास्थ्य विभाग ने पहल किट दी
नवविवाहित जोड़ों को विभिन्न विभागों ने नेग के रूप में विभागीय योजनाओं से लाभान्वित किया। पंचायती राज विभाग ने इज्जतघर बनाने के लिए प्रत्येक जोड़े को 12 हजार रुपये की धनराशि भेंट की। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने नई पहल शगुन किट प्रदान किया। इस किट में परिवार नियोजन के उपायों के अलावा तौलिया, कंघी, नेलकटर, बिंदी, दर्पण सहित सौंदर्य प्रसाधन के अन्य सामान मौजूद थे। समाज कल्याण विभाग की योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को एक-एक बक्सा भी दिया गया। बक्से में दो साड़ी, सात बर्तन, एक जोड़ी बिछिया, एक जोड़ी पायल के अलावा एक मोबाइल सेट भी दिया गया है, जिससे वह पति ओर परिवार के साथ संचार कायम रख सके। उन्हें विवाह प्रमाण पत्र भी सौंपा गया।
निशा ने बद्री और जसमति खातून ने रामपाल को चुना
जाति-धर्म के बंधनों को तोड़ते हुए दो हिंदू युवकों ने मुस्लिम युवतियों के साथ हिंदू परंपरा से विवाह किया। थाना चिल्हिया के ग्राम सेखुइया निवासी निशा (22) व सदर थाना क्षेत्र के राहुलनगर मोहल्ला निवासी बद्री (26) अलग-अलग संप्रदाय से है। दोनों वर्षों से एक-दूसरे को जानते थे, विवाह के इच्छुक भी थे, लेकिन सामाजिक बंधन आड़े आता रहा। काफी प्रयास कर अपने परिजनों को राजी किया और फिर सामूहिक विवाह समारोह में दोनों एक-दूजे को हो गए। मित्र चंदन दुबे ने इस विवाह अहम रोल निभाया। इसी तरह उसका के मरचहवा के रामपाल व बर्डपुर की जसमति खातून ने भी वर्जनाओं को तोड़ते हुए अलग धर्म में शादी कर मिसाल पेश की।