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कोई भी भूखा न रहे, हर व्यक्ति तक पहुंचे मदद

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सिद्धार्थनगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में युद्धस्तर पर राहत सामग्री पहुंचाने का निर्देश दिया है। कड़ी हिदायत दी है कि इस कार्य में किसी भी स्तर पर देरी, लापरवाही और हीलाहवाली क्षम्य नहीं होगी। ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी। प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि कोई भी पीड़ित भूखा नहीं है। हर व्यक्ति तक राहत सामग्री पहुंच रही है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को यहां बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हाल जानने आए थे। हवाई निरीक्षण के बाद उन्होंने बाढ़ग्रस्त इलाकों में मोटरबोट के जरिए भी स्थिति का जायजा लिया।
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मुख्यालय पर लोहिया कला भवन और बढ़नी के सिसवा उर्फ शिवभारी में पीड़ितों में राहत सामग्री का वितरण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सूबे के 20 जिले बाढ़ प्रभावित हैं। सबसे भयावह स्थिति बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, महराजगंज और गोरखपुर की है। नेपाल के पहाड़ों से भारी मात्रा में पानी मैदानी क्षेत्रों में बहनेवाली नदियों का जलस्तर काफी बढ़ गया है जिससे मिट्टी के तटबंध कट रहे हैं। पिछले 10-15 वर्षों में बांधों की मरम्मत का कोई कार्य नहीं हुआ था। इसके बावजूद सरकार समस्या के समाधान का प्रयास कर रही है। बाढ़ पीड़ितों के प्रति सरकार की पूरी संवेदना और सहानुभूति है।
मैरुंड गांवों में एयरफोर्स की मदद से सामग्री पहुंचाई जा रही है। फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए एनडीआरएफ, पीएसी की बाढ़ यूनिट को लगा दिया गया है। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि बिना किसी भेदभाव के हर पीड़ित को तत्काल राहत पहुंचाई जाए। शुद्ध पेयजल की व्यवस्था करने, पर्याप्त मात्रा में क्लोरीन की गोली बांटने, स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने, पशु चारे की व्यवस्था, खाद्य सामग्री, तिरपाल देने आदि के लिए निर्देश दिया जा चुका है। उन्होंने स्वयंसेवी और सामाजिक संगठनों से भी मदद के लिए आगे आने का आह्वान किया। सांसद-विधायक व अन्य जनप्रतिनिधियों को प्रशासन से तालमेल बिठाकर राहत सामग्री पहुंचाने के निर्देश दिए।
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उन्होंने मकान गिरने से मृत जोगिया के खेतवल तिवारी निवासी रामरति व बाढ़ में डूबे जोगिया निवासी कमलेश पांडेय के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। अन्य पीड़ितों को खाद्यान्न सहित अन्य सामग्री दी। इस मौके पर आबकारी मंत्री जयप्रताप सिंह, गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा, सांसद जगदंबिका पाल, विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. सतीश द्विवेदी, श्यामधनी राही, कमिश्नर दिनेश कुमार सिंह, डीआईजी राकेश साहू आदि मौजूद रहे।


इनसेट
बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए नेपाल सरकार से हो रही बात
मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती क्षेत्र में हर साल होने वाली बाढ़ की तबाही के स्थायी समाधान के लिए नेपाल सरकार से वार्ता की बात कही है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में हर साल बाढ़ की त्रासदी पर केंद्र व प्रदेश की सरकारें गंभीर हैं। स्थायी समाधान के लिए नेपाल सरकार से वार्ता हो रही है। नेपाल के राजदूत के साथ बैठक भी की गई है। जल संसाधन मंत्री से वार्ता कर प्रदेश सरकार कार्ययोजना तैयार कर रही है।
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