1139 ग्राम प्रधानों के वित्तीय अधिकार पर रोक
आज रात 12 बजे कार्यकाल हो रहा है खत्म, शासन ने खातों पर लगाई रोक
ई-ग्राम स्वराज पर खाता होगा अनरजिस्टर
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। ग्राम पंचायतों का कार्यालय पर 25 दिसंबर को खत्म हो रहा है। चुनाव की तिथि मुकर्रर नहीं हुई है, लेकिन शासन ने जिले के 1139 ग्राम पंचायतों वित्तीय अधिकार पर रोक लगा दी है। ई-ग्राम स्वराज पर आज रात 12 बजे से खातों को अनरजिस्टर कर दिया जाएगा। गांव के संचालन की व्यवस्था की जिम्मेदारी किसके हाथ में होगी और विकास कार्य कैसे होंगे। इसको लेकर लोगों में उहापोह बनी हुई है।
कोरोना संक्रमण काल शुरू हो जाने कारण पंचायत चुनाव समय से नहीं हो सका। संक्रमण को देखते हुए चुनाव नहीं हो सका। इसी बीच 25 दिसंबर को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल पूरा हो जा रहा है। चुनाव कब होगा, इसकी तिथि घोषित नहीं है। इसी बीच 23 दिसंबर को निदेशक पंचायतीराज की ओर से आदेश जारी कर दिया गया। इसमें ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधानों की ओर से कोई भी भुगतान 25 के बाद नहीं करने का निर्देश दिया गया। इसमें स्पष्ट किया गया है कि 25 की रात 12 बजे ग्राम प्रधानों की डीएससी ई-ग्राम स्वराज अनरजिस्टर कर दिया जाएगा। अनरजिस्टर कराने की जिम्मेदार सहायक विकास अधिकारी पंचायत को दी गई है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वह अपने क्षेत्र ग्राम प्रधानों की डीएससी अनरजिस्टर करा दें। स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि दिए गए निर्देशों का पालन कराया जाए।
इतनी धनराशि हो चुकी है खर्च
पंचायतीराज विभाग के आंकड़ों के मुताबिक राज्यवित्त और केंद्रीय वित्त का 95 करोड़ ग्राम पंचायतों का बजट था। इसमें 84 करोड़ रुपये 24 दिसंबर तक खर्च हो चुका है। शेष धनराशि के लिए 25 दिसंबर पूरा दिन है। उसमें विकास कार्यों का भुगतान करने की प्रक्रिया जारी रहेगी।
नहीं रुकेगा कोई काम
डीपीआरओ आदर्श ने बताया कि पंचायतों में न तो विकास कार्य रुकेंगे और न ही भुगतान में कोई समस्या आएगी। शासन के निर्देशानुसार जो जिम्मेदार होंगे उनके जरिए व्यवस्था चलाई जाएगी। विकास कार्य प्रभावित नहीं होंगे।
पहली बार पूरा कर पाए कार्यकाल
चुनाव के बारे में कुछ ग्राम प्रधानों से बात की गई तो उनका कहना था कि पहली बार कार्यकाल पूरा सके हैं। नहीं तो अक्सर यही होता था कि कार्यकाल पूरा होने से दो या तीन माह पहले ही चुनाव करा दिया जाता था। ऐसे में प्रधान कार्यकाल पूरा नहीं कर पाते थे। मगर इस बार अभी चुनाव की तिथि घोषित भी नहीं हुई है। नियम के अनुसार पांच वर्ष तक कार्य किए।
कौन चलाएगा ग्राम पंचायत ऊहापोह में लोग
ग्राम प्रधानों का कार्यकाल तो पूरा होगा। शासन की ओर से तय समय पर रोक लग जाएगी। मगर कौन गांव के विकास को गति देगा, किसके जिम्मे गांव की कमान होगी अभी तक शासन की ओर से कुछ स्पष्ट नहीं है। ग्राम प्रधान के साथ ही संभावित दावेदार भी ऊहापोह में हैं।