सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय वार्षिक स्वच्छता सर्वेक्षण योजना के तहत केंद्र्रीय टीम गांवों में स्वच्छता का हाल जानेगी। टीम की रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश व जिले की स्वच्छता की रैंकिंग तय होगी। टीम जिले की 1199 ग्राम पंचायतों के किसी भी गांव में जा सकती है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने गांधी जयंती के अवसर पर स्वच्छ भारत मिशन भारत अभियान की शुरूआत की थी। इसके तहत गांव, शहर व सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को सफाई और घरों में शौचालय बनाने के लिए प्रेरित किया गया। लोगों को खुले में शौच न जाने के लिए भी प्रेरित किया गया। इसी क्रम में घरों में शौचालय बनाने के लिए शहरी क्षेत्रों में आठ हजार और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को 12 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई। इसके साथ ही विशेष जागरूकता अभियान भी चले। ऐसे में जिले में स्वच्छता की स्थिति क्या है, लोग स्वच्छ भारत अभियान पर अमल कर रहे हैं या नहीं। जिले में स्वच्छता का स्तर क्या। पूरी हकीकत जानने के लिए पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय की ओर से एक केंद्रीय टीम बनाई गई है, जो जिले के गांवों में जाकर स्वच्छता अभियान जमीनी सच जानेगी। डीपीओरओ अनिल सिंह ने बताया कि पत्र मिला है। केंद्रीय टीम जिले के किसी भी गांव में जाकर स्वच्छता व शौचालय की हकीकत जान सकती है। शौचालय व स्वच्छता पर विभाग तेजी से काम कर रहा है। इस संबंध में संबंधित अफसरों को आवश्यक निर्देश भी दिए गए हैं।
इन बिंदुओं पर सर्वे करेगी टीम
विभाग की माने तो टीम गांव में कितने परिवारों को शौचालय के लिए सहायता राशि मिली है और कितने लोग निर्माण करा चुके हैं। शौचालय का गड्ढा मानक अनुरूप है या नहीं है। परिवार के लोग शौचालय का प्रयोग कर रहे है या नहीं। गांव के कितने परिवार आज भी खुले में शौच जाते हैं। उसके पीछे कारण क्या है। गांव में सफाई की क्या स्थिति है। गांव साफ है या जगह-जगह गंदगी है। गांव में नालियों की क्या स्थिति है।
लोकसभा चुनाव से पहले देनी होगी रिपोर्ट
लोकसभा चुनाव को लेकर सरकार न अभी से तैयारियां शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव से पहले टीम केंद्र सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद सरकार ओडीएफ के नाम पर अपनी उपलब्धियां जनता के बीच लाएगी।