सिद्धार्थनगर। चतुर्थ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बृहस्पतिवार सुबह शहर से लेकर गांव तक कार्यक्रम आयोजित हुए। नियत स्थल पर लोगों ने एक साथ मिलकर योग किया और प्रशिक्षकों ने लोगों को योग के लाभ बताए। इस दौरान करो योग, रहो निरोग का नारा गूंजता रहा। मुख्य कार्यक्रम जिला मुख्यालय स्थित रघुवर प्रसाद जायसवाल सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कालेज तेतरी बाजार में हुआ। यहां आयोजित कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री चेतन चौहान, सांसद जगदंबिका पाल, सदर विधायक श्याम धनी राही की मौजूदगी रही।
इस मौके पर योग प्रशिक्षक राकेश त्रिपाठी ने अनुलोम-विलोम, कपाल भाति समेत योग की विभिन्न विधाओं की जानकारी दी और इसके लाभ बताए।
कार्यक्रम में ग्राम स्वराज अभियान की हकीकत जानने आए केंद्रीय टीम के सदस्य प्राचिश खन्ना, अरुण कुमार मिश्र, डीएम कुणाल सिल्कू, एसपी डॉ.धर्मवीर सिंह, सीडीओ हर्षिता माथुर, एडीएम प्रमोद शंकर शुक्ला, सीएमओ डॉ. आर.के. मिश्रा, बीएसए राम सिंह, डीएसटीओ राजेश सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष लाल जी त्रिपाठी, क्षेत्रीय मंत्री गोविंद माधव, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष साधना चौधरी, नपा अध्यक्ष श्याम बिहारी जायसवाल आदि भी मौजूद रहे।
सदर ब्लॉक सभागार में प्रभारी बीडीओ ओम प्रकाश सोनकर की अगुवाई में कार्यक्रम आयोजित हुआ। बाल गृह पुराना नौगढ़, नेहरू युवा केंद्र के तत्वावधान में ग्राम पंचायत महदेवा नानकार में योग दिवस के कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
प्रभारी जिला सूचना अधिकारी ने बताया कि मुख्यालय पर पांच सौ, तहसील मुख्यालयों में 300-300, ब्लाक कार्यालयों पर 200-200, 1199 ग्राम पंचायतों में 100-100 लोगों ने योग किया। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं। इटवा प्रतिनिधि के मुताबिक तहसील परिसर में क्षेत्रीय विधायक डा. सतीश द्विवेदी की अगुवाई में योग दिवस पर कार्यक्रम हुआ। इसमें मनोज मौर्या, रामकृपाल चौधरी, शैलेश पाठक, माधव यादव, रामशब्द उपाध्याय, ज्ञानेंद्र सिंह, रामानंद मिश्रा, कृष्णा मिश्रा आदि लोग उपस्थित रहे।
‘योग जीवन का दर्शन’
बांसी। नगर के एक उत्सव भवन में प्रदेश सरकार के आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह की अगुवाई में योग दिवस का कार्यक्रम हुआ। इस अवसर पर योग प्रशिक्षक ने कहा कि योग जीवन दर्शन है। योग को जीवन शैली बनाने की जरूरत है, जिससे देश का हर वर्ग निरोगी हो और खासकर युवा, जिसका भविष्य देश से जुड़ा है। योग जहां निरोग बनाता है वहीं युवाओं के लिए संघर्ष के समय में बेहतर रास्ते का विकल्प भी तैयार करता है। क्योंकि जब तक चित शांत न हो, कोई भी लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता। लोग इसके प्रति जागरूक हुए जरूर हैं, मगर अभी थोड़े मेहनत की जरूरत है। लोग योग को जान गए तो तय मानिए भारत को नया जीवन मिलेगा।