फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रमुख सचिव के औचक निरीक्षण में खुली जिला अस्पताल की पोल

विज्ञापन
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। सचिव (वित्त) महेंद्र कुमार अग्रवाल के औचक निरीक्षण में जिला अस्पताल की अव्यवस्थाओं की पोल खुल गई है। हॉटलाइन से जुड़े अस्पताल की बिजली गुल रही। अंधेरे में मरीज हाथों से पंखा झलते रहे। कोई दवा के लिए भटक रहा था तो कोई ब्लड सेंपल निकलवाने के लिए सुबह से ही कर्मचारियों के चक्कर काट रहा था। मरीज चीखते-चिल्लाते रहे, लेकिन जिम्मेदारों पर कोई असर नहीं था। ठीक 2 बजे दवा काउंटर बंद हो गया था, जबकि तमाम मरीज दवा के इंतजार में बैठे हुए थे। अव्यवस्थाओं से खीझे प्रमुख सचिव ने अस्पताल प्रशासन को जमकर डांट लगाई। हिदायत दी कि व्यवस्था सुधारें, संवेदनशील बनें, ऐसे नहीं चलेगा। इस दौरान उन्होंने एक फार्मासिस्ट के खिलाफ कार्रवाई के भी निर्देश दिए।
विज्ञापन

विकास भवन में समीक्षा बैठक के बाद पीडब्लूडी रेस्ट हाउस की ओर जा रहे प्रमुख सचिव अचानक जिला अस्पताल की ओर मुड़ गए। अंदर पहुंचे तो मरीजों की भीड़ उमड़ी हुई थी। बाल रोग कक्ष के बाहर खड़े प्रमुख सचिव की ओर दौड़ते हुए आए पिपरा भड़ेहर के राजवंश ने कहा कि बच्चे का ब्लड सेंपल निकलवाने के लिए वह सुबह आठ बजे से आया है, सिर्फ टाल-मटोल किया जा रहा है। डॉक्टर-कर्मचारी नहीं सुन रहे। बुजुर्ग को आश्वस्त करते हुए प्रमुख सचिव ने सीएमएस डॉ. रोचस्मति पांडेय से तत्काल सेंपल निकलवाने के निर्देश दिए। कहा कि अगर पीड़ा हमारी होती तो हम भी ऐसे ही चिल्लाते। लोगों का दर्द समझिए और उसे दूर करना सीखिए। आगे बढ़े तो दवा वितरण काउंटर बंद था। घड़ी में 2.09 बज चुके थे, लेकिन मरीज अभी भी खड़े थे। वनकसिहा के रामलाल, अलीगढ़वा के नदीम अहमद का कहना था कि वह काफी देर से दवा के लिए परेशान हैं। प्रमुख सचिव ने सीएमएस से कहा कि कर्मचारी थोड़ी देर और बैठ जाएंगे तो गरिमा नहीं गिर जाएगी। जब तक मरीज रहें, काउंटर न बंद करें। हर मरीज को दवा मिलनी चाहिए। उन्होंने फार्मासिस्ट सुग्रीव का नाम नोट कराया और कार्रवाई के निर्देश दिए। यहां से सीधे जनरल व चिल्ड्रेन वार्ड में पहुंचे। वार्डों में अंधेरा पसरा हुआ था। गर्मी से बेहाल मरीजों को तीमारदार हाथ से पंखा कर रहे थे। जिला अस्पताल में 24 घंटे आपूर्ति वाला कनेक्शन है, बावजूद आपूर्ति 15-16 मिलने पर जिम्मेदारों ने कनेक्शन में फाल्ट की दलील दी। वार्ड में भर्ती भीमापार के शक्ति (11) के परिजनों ने बताया कि दवा अस्पताल में मिल रही है, इंजेक्शन बाहर से लाना पड़ रहा है। इसके बाद प्रमुख सचिव ने ब्लड बैंक का जायजा लिया। सेंपल लेने के लिए समय व मानक निर्धारित करने को कहा, जिससे मरीजों को भटकना न पड़े। निरीक्षण के दौरान डीएम कुणाल सिल्कू, सीडीओ अनिल मिश्र, एडीएम प्रमोद शंकर शुक्ला, सीएमएस डॉ. रोचस्मति पांडेय आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें