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इंसेफेलाइटिस से जिंदगी जंग हार गया कंचन

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सिद्धार्थनगर। इंसेफेलाइटिस भयवाह रूप लेता जा रहा है। एक के एक बाद मासूम इसकी जद में आकर जिंदगी की जंग हार जा रहे हैं। शनिवार रात पांच दिनों से आईसीयू वार्ड में भर्ती कंचन ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उसमें इंसेफेलाइटिस की पुष्टि हो चुकी है। अब तक पांच मासूमों की मौत हो चुकी है। वहीं इंसेफेलाइटिस पीड़ित आठ बच्चों का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है।
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बाढ़ की तबाही खत्म होने के बाद संक्रामक बीमारियों के साथ इंसेफेलाइटिस ने भी कहर बरपाना शुरू कर दिया है। जिला अस्पताल में शनिवार रात करीब ढाई बजे कपिलवस्तु कोतवाली क्षेत्र के सिंहोरवा गांव निवासी भोला का 12 वर्षीय पुत्र कंचन ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। वह इंसेफेलाइटिस से पीड़ित था और 22 अगस्त को जिला अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती हुआ था। तभी से उसका उपचार चल रहा था और देर रात उसकी मौत हो गई। इससे पहले भी चार बच्चों की इस बीमारी से जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो चुकी है। अभी इंसेफेलाइटिस से पीड़ित आठ बच्चे भर्ती हैं और उनका उपचार चल रहा है। वार्ड में विकास (1), रेशमा (8), आकाश (8), सोनू (7), आदित्य ( 5), हिमांशु (5), गुड़िया,(6) हैं, जिनका इलाज चल रहा है। सीएमएस डॉ. रोचस्मति पांडेय ने बताया कि जिला अस्पताल में जो सुविधाएं है। उसमें बेहतर उपचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शनिवार रात इंसेफेलाइटिस से एक बच्चे की मौत हुई है। उसका पांच दिनों से इलाज चल रहा था।

बुखार से पांच दिन की बच्ची की मौत
जिला अस्पताल में शनिवार दोपहर पांच दिन की एक बच्ची की मौत हो गई। वह बुखार से पीड़ित थी और सुबह भर्ती हुई थी। बृजमनगंज के बहदुरी बाजार निवासी बच्ची के पिता सद्दाम ने बताया कि बच्ची नगर के एक अस्पताल में ऑपरेशन से हुई थी। सुबह तेज बुखार होने पर जिला अस्पताल भेजा गया था।
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