इसे कुदरत का करिश्मा कहें या महज संयोग। ग्यारह साल पहले जो बालक परिजनों से बिछड़ गया था, वह 21 वर्ष की अवस्था में वापस आया है। योगी की भूमिका में भिक्षाटन करते यह युवक मंगलवार को गांव पहुंचा तो लोगों ने उसे पहचान लिया। 11 साल बाद बेटे को पाकर मां जहां फूट-फूट कर रोई, वहीं बेटे की भी आंखें छलक आईं।
विकासखंड लोटन के ग्राम नेतवर से 11 वर्ष पहले दस साल का बिछड़ा बच्चा अचानक योगी के रूप में भिछाटन करते हुए अपने ही गांव नेतवर अनजाने में पहुंच गया। लोगों ने नाम पूछा तो पवन बताया। इतने में गांव के लोगों को शक हुआ कि गायब पवन यही तो नहीं हैं।
लोगों ने उसकी मां रामरती को बुला कर पहचान कराया लक्ष्न के आधार पर बताया कि मेरा ही लडका है। इतना सुनकर मां और बेटे का मिलन देखकर लोगों की आंखें नम हो गई। वर्ष 2004 में नेतवर गांव निवासी महंत का पुत्र पवन कुमार गायब हो गया था। तब कक्षा 4 में पढ़ रहे पवन की उम्र महज 10 वर्ष थी।
काफी खोजबीन पर भी पता न लगने पर माता रामरती और पिता महंत ने बच्चे का आसरा ही छोड़ दिया। पवन के बिछुड़ने के बाद परिवार मुश्किलों से घिर गया। पवन के शादीशुदा बड़े भाई संत कुमार की मौत हो गई। बाद में पिता ने भी दम तोड़ दिया। कुछ वर्षों बाद पवन के दूसरे भाई बसंत कुमार की सड़क हादसे में मौत हो गई। परिवार में मां और भाभी मुश्किल में जीवन-यापन कर रही थीं। मंगलवार को अचानक गांव में एक युवक अपने गुरु के साथ योगी के रूप में भिक्षाटन करते पहुंचा।
संदेह होने पर लोगों ने नाम पूछा तो पवन बताया। बाद में ग्रामीणों ने रामरति को बुलाया तो उसने पीठ पर काले निशान और बचपन में लकड़ी काटते हुए गाल पर बने निशान को देख पवन को पहचान लिया। मां-बेटे का ग्यारह साल बाद मिलन देखकर लोगों की आंखें भर आईं। पवन ने बताया कि मेरे दिमाग में पता नहीं क्या हो गया था कि मैं स्कूल न जाकर चलता गया और महराजगंज पहुंच गया। वहां भूख लगने से रो रहा था कि उसी रास्ते से मेरे गुरु योगी जी जा रहे थे। मुझे अपने घर बरगदवा जनपद महराजगंज ले गए साथ योगी बना कर अपने साथ रख लिया। आज अचानक भिक्षाटन करते हुए यहां चला आया।