उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला कार्यकारिणी की बैठक मंगलवार को मधुकरपुर स्थित कैंप कार्यालय में हुई। इस दौरान शिक्षकों की समस्याओं पर चर्चा की गई और उनके निस्तारण की मांग की गई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी ने कहा कि शासनादेश में अध्यापकों का बिना पक्ष लिए कोई कार्रवाई न करने की व्यवस्था की गई है, लेकिन शासनादेश के विपरीत बिना स्पष्टीकरण लिए ही अध्यापकों का वेतन अवरुद्ध कर दिया जा रहा है।
विभागीय नियमों में अध्यापक के आकस्मिक अवकाश लेने पर खंड शिक्षा अधिकारी को एसएमएस करने की कोई व्यवस्था नहीं है लेकिन एसएमएस न करने पर अनुपस्थित मानते हुए कार्रवाई की गई है, जो सरासर गलत है। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अध्यापक आकस्मिक अवकाश की सूचना एसएमएस न कर पत्र व्यवहार पंजिका पर दर्ज कर दें। जिलामंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि द्वितीय बैच के समायोजित शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए सत्यापन की प्रक्रिया में तेजी लाने की जरूरत है।
बैठक में जूनियर व प्राथमिक विद्यालयों में नवनियुक्त शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन में शीघ्रता लाने, प्रथम बैच के अवशेष समायोजित शिक्षकों के वेतन भुगतान का आदेश जारी कराने, उनके बकाया भुगतान कराने की मांग भी रखी गई। इन सभी मांगों के संबंध में एक पत्रक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को सौंपने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया।
एक सप्ताह के भीतर समस्या निस्तारण न होने पर आंदोलन की रणनीति बनाने की चेतावनी दी गई। बैठक में संरक्षक श्रीराम मिश्र, सुरेंद्र तिवारी, उदयभान मिश्र, शैलेंद्र मिश्र, रूपेश सिंह, सुधेंदुधर द्विवेदी, चंद्रमनि पांडेय, करुणेश मौर्य, राजकिशोर शर्मा, अभय श्रीवास्तव, अरुण सिंह और अनिल त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।