संवाद न्यूज एजेंसी
भनवापुर। डुमरियागंज तहसील व इटवा थाना क्षेत्र के चौखड़ा गांव में स्थित फागू बाबा के 105 वर्ष पुरानी मजार (समाधि) पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर डेढ़ घंटे में ध्वस्त कर दिया। ध्वस्तीकरण के दौरान चारों तरफ से दो किमी तक का क्षेत्र बंद कर दिया गया।
मंगलवार सुबह चार बजे प्रशासन व पुलिस की टीम ने बुलडोजर से मजार को ध्वस्त कराकर मलबे को भी हटवा दिया। प्रशासन ने इस कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पीएसी व पांच थानों की पुलिस को तैनात कर दिया। वहां किसी को आने-जाने की अनुमति नहीं थी।
क्षेत्र के चौखड़ा गांव में मजार करीब एक बीघा सरकारी पशुचर (चारागाह) भूमि पर स्थित थी। भाजपा के पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने शिकायत की थी कि यह अवैधानिक तरीके से है और सरकारी जमीन पर अतिक्रमण है। उन्होंने अपनी शिकायत में मजार पर संदिग्ध गतिविधियों का उल्लेख करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की थी।
प्रशासनिक जांच में पाया गया कि उक्त भूमि राजस्व अभिलेख में पशुचर भूमि (चरागाह) के रूप में दर्ज है। अवैध कब्जे की पुष्टि होने के बाद एडीएम गौरव श्रीवास्तव और एएसपी प्रशांत कुमार के नेतृत्व में मंगलवार की सुबह बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।
इस दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए उपजिलाधिकारी राजेश कुमार, पुलिस क्षेत्राधिकारी बृजेश वर्मा, तहसीलदार रविकुमार यादव, पीएसी और कई थानों की पुलिस तैनात रही। पूरे इलाके को सील कर दिया गया।
मौके पर शांति व्यवस्था के लिए पूर्व में 25 जून को ही बीएनएसएस 2023 की धारा 163 लगा दी गई थी, जो 24 अगस्त तक प्रभावी है।
मौके पर मीडिया और आम नागरिकों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहा। प्रशासन की सख्ती और योजनाबद्ध रणनीति के कारण कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से हो गई। मौके पर किसी प्रकार का विरोध या झड़प नहीं हुई और कुछ ही घंटों में मजार को ध्वस्त कर मलबा हटवा दिया गया।
एडीएम गौरव श्रीवास्तव ने कहा कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चाहे वह किसी भी धर्म या समुदाय से जुड़ा क्यों न हो। शासन के निर्देश पर हर अवैध निर्माण पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम राजेश कुमार व तहसीलदार रविकुमार यादव ने बताया कि उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 की धारा-67 के तहत ग्राम समाज की सार्वजनिक भूमि पशुचर (चारागाह) से अतिक्रमण को राजस्व टीम के साथ हटवाया गया है।
पहले यहां लगने वाले मेले पर लगी थी रोक : चौखड़ा स्थित फागू बाबा की मजार ( समाधि) पर प्रत्येक बृहस्पतिवार को मेला लगता था। यहां लोग चादर चढ़ाकर मन्नतें मांगते थे।
पूर्व विधायक के विरोध की सूचना पर प्रशासन ने मेले पर रोक लगा दी और लोगों को वापस कर दिया। साथ ही यहां बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया था। तभी से प्रशासन यहां भूमि की जांच व पैमाइश में जुटी थी। तभी से यहां लगने वाला मेला भी बंद हो गया।