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पानी से घिरे स्कूल, खतरा उठाकर जा रहे नौनिहाल

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बर्डपुर (सिद्धार्थनगर)। पिछले चार दिनों से लगातार जारी बरसात से विकासखंड के कई परिषदीय स्कूल पानी से घिर गए हैं। स्कूल के चारों तरफ पानी लग गया है। सड़कें डूब गई हैं। कमरों में भी पानी घुस गया है, बावजूद यह स्कूल अब भी चालू हैं। ऐसे में बच्चों को पानी में घुसकर स्कूल आना-जाना पड़ रहा है। नदियों में उफान से डूब क्षेत्रों में कभी भी स्थिति खतरनाक रूप ले सकती है। पिछले वर्ष बाढ़ के दौरान सदर क्षेत्र के रौंवापार गांव में प्राथमिक विद्यालय के पास जलभराव के चलते एक बालक की डूबने से मौत हो गई थी। वैसे तो यह घटना स्कूल समय के बाद हुई थी, लेकिन बारिश से बिगड़ते हालात के चलते हर कोई भयभीत है। सबसे ज्यादा खतरा डूब क्षेत्र के स्कूलों में बना हुआ है। गौर फरमाने वाली बात है कि पानी से घिरा होने के बावजूद न तो इन स्कूलों को बंद करने के निर्देश हुए हैं और न ही अन्यत्र शिफ्ट करने के लिए दिशा-निर्देश जारी हुआ है। अलबत्ता अफसर इससे बेखबर बने हुए हैं। उनका कहना है कि बजट मिलने पर इन स्कूलों को ऊंचा कराया जाएगा, मगर फौरी कार्रवाई के नाम पर कोई जवाब नहीं है। बीईओ विजय गुप्ता का कहना था कि ऐसे स्कूलों के बारे में अभी जानकारी नहीं है। अगर कोई ऐसा स्कूल है तो उसे अन्यत्र शिफ्ट करने का प्रयास किया जाएगा। बीएसए मनीराम सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति स्कूलों की सूचना ली जा रही है। गुरुवार को सभी बीईओ को इस रिपोर्ट के साथ बैठक में बुलाया गया है। जानकारी लेकर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। अगर कोई स्कूल निचले स्थल में होगा तो उसे जरूरत अनुसार अस्थाई रूप से अन्यत्र भी शिफ्ट कराया जाएगा।
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पूर्व माध्यमिक विद्यालय बूड़ा जलमग्न
बर्डपुर ब्लॉक के इस विद्यालय में 120 बच्चे हैं। एक शिक्षक महेश कुमार के अलावा दो अनुदेशकों की तैनाती है। विद्यालय चारों तरफ पानी से घिर चुका है। कमरों की छत टपक रही है। यहां मंगलवार को 64 बच्चे उपस्थित हुए थे। एक किनारे पर बचे पगडंडीनुमा रास्ते पर 3-4 इंच पानी के बीच से होते हुए बच्चे व शिक्षक स्कूल पहुंचे। शिक्षक महेश कुमार ने बताया कि बच्चों को अपनी देखरेख में एक किनारे से स्कूल लाया जा रहा है। इस बाबत एबीआरसी राजेश सिंह को अवगत कराया जा चुका है। उन्होंने बजट आने पर विद्यालय परिसर को ऊंचा कराने की बात कही है।

प्राथमिक विद्यालय बनौली में भी जलभराव
सबसे बुरी स्थिति दुल्हा दरमियानी ग्राम पंचायत अंतर्गत इस प्राथमिक विद्यालय की है। करीब 50 बच्चों वाले इस विद्यालय के चारों तरफ पानी है। कमरों में भी एक फीट तक पानी लग गया है। यहां प्रधानाचार्य विजयलक्ष्मी, सहायक विनीता राठौर की तैनाती है। पानी से घिरे विद्यालय के चलते मंगलवार को यहां बच्चे नहीं पहुंचे। शिक्षक भी बाहर से ही लौट गए। हालांकि कागजों में यह स्कूल खुला रहा। प्रधानाचार्य का कहना था कि स्कूल के हालात से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
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अन्य ब्लॉकों में भी स्थिति बदतर
लगातार बारिश के चलते पानी से घिरे स्कूल जिले के अन्य ब्लॉकों में भी है। बढ़नी और शोहरतगढ़ क्षेत्र में ही डेढ़ दर्जन स्कूलों की स्थिति बुरी है। खैरी शीतल, भुतहवा, मटियार सहित अन्य गांवों में स्थित स्कूल पिछले साल भी पानी से घिर गए थे। इटवा में प्राथमिक देवियापुर, सिकरा, कनिकपुर, भनवापुर में मुबारकपुर जैसे कई स्कूलों की कमोवेश ऐसे ही हालात हैं। सड़क से नीचे होने के चलते स्कूलों के चारों तरफ पानी लगा हुआ है।
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