श्रावस्ती। संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा में आयूष विभाग ने योग व प्राकृतिक चिकित्सा सत्र आयोजित किया। इस दौरान लोगों को एलोपैथिक दवाओं के दुष्प्रभाव से बचने के लिए योग के लाभ बताए।
राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत उत्तर प्रदेश आयुष सोसाइटी की ओर से जिला चिकित्सालय में योग केंद्र का संचालन किया जा रहा है। यहां लोगों को योग व प्राकृतिक चिकित्सा के प्रति जागरूक करने के साथ ही उन्हें विभिन्न योगासनों का अभ्यास भी कराया जा रहा है। केंद्र प्रभारी योग प्रशिक्षक अरुण कुमार ने बताया कि एलोपैथिक दवाओं से जहां लोगों को त्वरित लाभ मिलता है वहीं, दूसरी ओर उसका दुष्परिणाम भी शरीर पर पड़ता है। ऐसे में यदि लोग विभिन्न योगासनों को नियमित रूप से जीवनशैली में शामिल करें तो बिना किसी दुष्परिणाम के बीमारियों से छुटकारा पा सकते हैं। जैसे-जैसे लोगों में जागरूकता आ रही है लोग योग सत्र में प्रतिभाग कर रहे हैं।
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इन बीमारियों को ठीक कर सकता है योग
प्रशिक्षक ने बताया कि मधुमेह के मरीजों को ताड़ासन, अर्धमत्स्येंद्रासन, सूर्य नमस्कार, भस्त्रिका व भ्रामरी का अभ्यास करना चाहिए। इसी तरह से गठिया के मरीज को हाथ व पैर के विभिन्न आसन बताए जाते हैं, जिससे उन्हें काफी आराम मिलता है। मोटापा दूर करने के लिए तिर्यकताड़ासन, कटिचक्रासन, हलासन, सूर्य नमस्कार का अभ्यास करना चाहिए। इसी तरह से दमा रोगियों को भुजंगासन, मारजरी आसन व गोमुखासन करना चाहिए। गर्दन व कमर दर्द के लिए मकरासन, ताड़ासन, भुजंगासन, अर्ध शलभासन व सूर्य नमस्कार बेहतर विकल्प है।