श्रावस्ती। शासन की मंशा के अनुरूप जो भी अधिकारी व कर्मचारी शिकायतों के निस्तारण में फर्जी रिपोर्ट लगाएंगे उनको बख्शा नहीं जाएगा। फरियादियों के मोबाइल पर बात करने पर अगर शिकायत का निपटारा फर्जी पाया गया तो जवाब तलब करने के साथ ही निलंबन की कार्रवाई होगी। यह बातें शनिवार को मल्हीपुर थाने में आयोजित समाधान दिवस में डीएम ने कहीं। वहीं फर्जी रिपोर्ट लगाने वाले एक लेखपाल को निलंबित करने का निर्देश तहसीलदार को भी दिया।
मल्हीपुर थाने में आयोजित समाधान दिवस की अध्यक्षता जिलाधिकारी ओपी आर्य ने की। उन्होंने निस्तारित शिकायतों की गुणवत्ता परखने के उद्देश्य से क्षेत्र के धोबिहा गांव निवासी रामबहादुर से फोन पर वार्ता की। उसने हदबरारी के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। हदबरारी के बारे में पूछने पर उसने बताया कि यहां पुलिस या राजस्व का कोई भी कर्मचारी आया ही नहीं, जबकि निस्तारण पंजिका व शिकायती प्रार्थना पत्र पर लेखपाल धीरेंद्र पाठक ने निस्तारण की रिपोर्ट लगाई थी।
इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने उपस्थित लेखपाल धीरेंद्र पाठक को तलब कर झूठी रिपोर्ट लगाने का कारण पूछा। इस पर वह कोई उत्तर नहीं दे सका। इस लापरवाही के लिये डीएम ने तहसीलदार को लेखपाल को निलंबित कर तत्काल रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। साथ ही क्षेत्र में सही ढंग से शिकायतों की मानिटरिंग न करने पर राजस्व निरीक्षक जगराम प्रजापति को भी प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया।
वहीं सुजानडीह निवासी माया देवी पत्नी पुत्तीलाल व मनकौरा निवासिनी रंजा देवी पत्नी लालजी ने डीएम को बताया कि अवैध कब्जा हटाने का उन्होंने प्रार्थना पत्र दिया था। इसके बावजूद अभी तक कब्जा नहीं हटा। इस पर लेखपाल जगत नारायण को कारण बताओ नोटिस देने का निर्देश दिया। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक आशीष श्रीवास्तव, पुलिस क्षेत्राधिकारी जमुनहा हौसला प्रसाद, प्रभारी थानाध्यक्ष, राजस्व निरीक्षक, लेखपाल सहित फरियादी मौजूद रहे।