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बच्चों को खिला रहे घटिया मिड-डे मील

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प्राथमिक विद्यालय भगवानपुर भैसाही में भोजन बनाती रसोइया। - फोटो : SRAWASTI
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श्रावस्ती। परिषदीय विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना अधिकारियों की अनदेखी व लापरवाही से गुणवत्ता विहीन होती जा रही है। स्कूलों में पढ़ने के लिए आने वाले बच्चों को घटिया भोजन परोसा जा रहा है। बच्चों को दी जाने वाली दाल व सब्जी में पानी की मात्रा अधिक रहती है।
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स्कूलों में रसोई गैस सिलेंडर के स्थान पर चूल्हे पर लकड़ी से ही भोजन पकाया जा रहा है। छात्र छात्राओं को गंदगी के बीच बैठाकर भोजन परोसा जा रहा है। भोजन बनाने में प्रयोग की जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता भी ठीक नहीं है। तेल, मसालों के साथ अन्य खाद्य सामग्री की खरीद में मानकों का पूरा नहीं किया जा रहा है।
इसका खुलासा भी समय-समय पर अधिकारियों की जांच पड़ताल होता रहा है। तमाम चेतावनी और कार्रवाई के बाद भी मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता में सुधार नहीं हो रहा है। इसका खुलासा शनिवार को अमर उजाला की पड़ताल में हुआ। इसकी जानकारी के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हैं।
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बीएसए ओंकार राणा ने कहा कि विद्यालयों में चूल्हे पर एमडीएम कैसे बनता है, भोजन की गुणवत्ता कैसी है, इसकी जांच कराई जाएगी। विद्यालय में व्याप्त कमियों को दुरुस्त कराने के साथ मेन्यू के अनुसार मध्याह्न भोजन परोसा जाए इसके लिए आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
प्राथमिक विद्यालय भगवानपुर भैसाही
विद्यालय में अरविंद कुमार प्रधान शिक्षक हैं। शनिवार को विद्यालय में पंजीकृत 115 के सापेक्ष 87 बच्चे ही मौजूद मिले। यहां चूल्हे पर मेन्यू के अनुसार सोयाबीन व आलू की सब्जी बनी थी। रसोई के बगल में ही कूड़ेदान रखा था। रसोई में गंदगी दिखी। इसके साथ ही बच्चों को गंदगी के बीच ही बैठकर भोजन कराया जा रहा था। कुछ बच्चों को आधा पेट भोजन ही मिला था। सब्जी में पानी की मात्रा भी अधिक थी।
उच्च प्राथमिक विद्यालय भगवानपुर भैसाही
विद्यालय का प्रभार संभाल रही शिक्षिका शनिवार तक प्रसूतिका अवकाश पर थीं। यहां नामांकित 55 के सापेक्ष 32 बच्चे ही उपस्थित मिले। जिन्हें गुणवत्ता विहीन एमडीएम परोसा गया था। यहां चूल्हे पर सब्जी चावल बना था। यहां आलू की सब्जी में पानी अधिक डाला गया था। इसमें सोयाबीन नहीं दिख रहा था। पूछताछ में रसोइया रमकोरा, कनचाना व पार्वती ने बताया कि बच्चों को सोयाबीन पहले ही दे दिया गया। विद्यालय परिसर में लगे हैंडपंप के पास नाली न होने से परिसर में जल भराव दिखा।
प्राथमिक विद्यालय भेलागांव
विद्यालय में रसोइयों की ओर से चूल्हे पर एमडीएम बनाया गया था। यहां आग बुझाने का संयंत्र नहीं है। बच्चों को गुणवत्ता विहीन एमडीएम परोसा गया था। बच्चों ने बताया कि खाना अच्छा नहीं लगता, फिर भी खाना पड़ता है। विरोध करने पर रसोइयां छुट्टी के बाद घर जाकर अच्छा भोजन करने की बात कहती हैं।
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