राजर्षि काली मंदिर में पूजा करते श्रद्धालु। - संवाद
श्रावस्ती। शारदीय नवरात्र के पहले दिन सोमवार को देवी मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की कतार लग गई। मंदिर परिसर पूरे दिन घंटे-घड़ियाल की धुन से गूंजते रहे। घरों में भी घट स्थापना कर माता रानी की पूजा-अर्चना की गई।
भिनगा के राजर्षि काली मंदिर सहित अन्य देवी मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लग गया। नवरात्र के पहले दिन माता शैलपुत्री की पूजा की गई। पंडित राधेश्याम पाठक ने बताया कि मां शैलपुत्री पर्वतराज हिमालय के यहां पुत्री रूप में उत्पन्न हुई हैं। पार्वती और हेमवती भी इन्हीं के नाम हैं। मां ने हेमवती स्वरूप में देवताओं का गर्व-भंजन किया था।
मंदिर परिसर में मेले जैसा माहौल रहा। इसी तरह भंगहा में काली मंदिर, जमुनहा में जगपति मंदिर, इकौना में बेचूबाबा मंदिर सहित अन्य मंदिरों में भी विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। घट स्थापना कर लोगों ने संकल्प लेकर नौ दिन का व्रत प्रारंभ किया।