आनंद बोधि पर प्रार्थना करते अनुयायी।
कटरा (श्रावस्ती)। बुद्ध की तपोस्थली श्रावस्ती बुधवार को अनुयायियों से गुलजार रही। म्यांमार से आए 42 सदस्यीय दल ने भिक्षु देवानंद के नेतृत्व में आनंद बोधि पर विश्व शांति की कामना की।
पूजन के भिक्षु देवानंद ने कहा कि जब कोई व्यक्ति किसी का कुछ लेकर उसे वापस नहीं लौटाता, लौटाते समय झगड़ा या बेईमानी करता है, राह चलते लोगों के साथ मारपीट कर लूटपाट करता है। जो माता-पिता या बड़ों का आदर सम्मान नहीं करता और समर्थ होते हुए भी माता-पिता की सेवा नहीं करता, बल्कि उनका अपमान करता है। वह व्यक्ति नीच होता है। जाति या धर्म निम्न या उच्च नहीं होते और न ही जन्म से कोई व्यक्ति उच्च या निम्न होता है। व्यक्ति अपने विचारों, कर्म तथा स्वभाव से ही निम्न व उच्च बनता है। पूजन के बाद अनुयायियों ने गंध कुटी, कौशांबी कुटी, शिवली स्तूप, अंगुलिमाल स्तूप का भ्रमण किया।