श्रावस्ती। मल्हीपुर के ग्राम सर्रा स्थित जूनियर हाईस्कूल भौंसावा में गुरुवार को विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं व शिक्षा का अधिकार अधिनियम सहित अन्य जानकारी दी गई। शिविर की शुरुआत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व सिविल जज ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया।
शिविर में सचिव व सिविल जज प्रशांत कुमार सिंह ने कहा कि कानून में बालक एवं बालिकाओं को बराबर अधिकार दिये गये है। हमें बेटों एवं बेटियों में कोई भेद भाव नहीं करना चाहिए।बेटियों को शिक्षित करते हुए समान अवसर प्रदान करना चाहिए। बेटियों किसी भी मामले में बेटों से कम नहीं होती है। वह दो परिवारों की परवरिश करती हैं। शिक्षित बेटी दो परिवारों को शिक्षित करती है। उन्होंने बाल विवाह, कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथाओं को जड़ से मिटाने के लिए ग्रामीणों से आगे आने की अपील किया। साथ ही वर्ष 2005 में हुए संशोधन के बाद बेटियों को विवाह के बाद भी बेटों के बराबर ही आधी संपत्ति में हिस्सा मिलता है, इसकी जानकारी दिया।
अधिवक्ता विष्णु दत्त अस्थाना ने तलाकशुदा एवं परित्यक्त महिलाओं की स्थिति के संबंध में अपने विचार व्यक्त किया। उन्होंने आवाहन किया कि सभी ऐसी महिलाओं को प्रोत्साहन एवं मदद देने के लिए आगे आएं। शिविर को जिला समन्वयक प्रोबेशन हितेश ने बालिकाओं के लिए शासन द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनओं एवं सामूहिक विवाह योजना व कन्या सुमंगला योजना के बारे में जानकारी दिया।
शिविर में थाना मल्हीपुर के एसआई शिवेन्द्र प्रताप सिंह, प्रधान रामनरेश, ओमकार चौधरी, ओम प्रकाश आर्य सहित काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। इस दौरान ग्रामीणों ने सिविल जज को विद्यालय न खुलने, एमडीएम न मिलने व पढ़ाई न होने की शिकायत किया। ग्रामीणों ने कहाकि स्कूल तभी खुलता है जब स्कूल में कोई अधिकारी आता है। इस पर सिविल जज ने प्रकरण की जांच कराकर कार्रवाई कराने का आश्वासन भी दिया।