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आधी आबादी को आरक्षण में मिलेगी तरजीह

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श्रावस्ती। पंचायतों की आरक्षण सूची भले ही अभी सूचीबद्ध होकर प्रकाशित न हुई हो। लेकिन यह तय है कि आधी आबादी को जिले की 397 पंचायतों में 137 सीट की भागीदारी मिलेगी। इसमें अनुसूचित जनजाति से लेकर सामान्य वर्ग की महिलाएं शामिल होंगी।
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पंचायतों में आरक्षण का काम जिले में तेजी से चल रहा है। कमेटी लगातार बैठक करके शासन से मिले फार्मूले पर आरक्षण सेट करने की कवायद कर रही है। इस आरक्षण के बीच भले ही यह तय न हो कि कौन सी पंचायत में किस वर्ग का आरक्षण आएगा। लेकिन यह निश्चित है कि आधी आबादी को उनका हक जरूर मिलेगा। 397 पंचायतों वाले इस जिले में महिलाओं के लिए 137 प्रधान पद आरक्षित रहेंगे। इसमें से अनुसूचित जनजाति महिला के लिए एक, अनुसूचित जाति महिला के लिए 25, पिछड़ा वर्ग महिला के लिए 37 व सामान्य वर्ग महिला के लिए 70 पद निर्धारित हैं। ऐसे में अब देखाना यह है कि इन महिलाओं को किन किन पंचायतों की अगुवाई करने का मौका मिलता है।
अलीनगर, बेलकर, कल्यानपुर, कंजड़वा, माहनीपुर, लवरिया, शिवाजोत, श्रवनतारा, बिशुनपुर, डिकारा, हरिहरपुर, खरखिया, कसियापुर, पुर्खीपुर डिहवा, रामपुर कोडऱी, रतनापुर, बनकटवा, केशवापु, रोहली बिशुनपुर, दोदीपुरवा, लालबोझा, रहमतुगो, सुजानडीह, टिकुहिया, त्र्लिोकपुर, उल्लहवा, अमरहवा, बहादुर, बेचुआ, विशुनपुर रामनगर, गंगापुर, गेहुंआभारी, हरैया तराई, खैरीतराई, लालपुर अयोध्या ग्राम पंचायत का आज तक नहीं हुआ आरक्षण।
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पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासन के साथ ही पुलिस भी अपनी तैयारी कर रही है। इस तैयारी के तहत पुलिस ने सभी शस्त्रधारियों का शस्त्र जमा कराने की पहल शुरू कर दी है। इसके साथ ही डीएम न्यायालय पर भी ऐसे लोगों की रिपोर्ट भेजी जा रही है। जिनके पास शस्त्र का लाइसेंस है। व उनके द्वारा शस्त्र का दुरुपयोग किया जाना संभावित है। पुलिस दबंग व अपराधी प्रवृत्ति के लोगों पर भी कार्रवाई कर रही है।
पंचायतों में आरक्षण वर्ष 1995 से प्रारंभ हुआ था। इसी के बाद वर्ष 2015 में परिसिमन करते हुए कुछ पंचायतों को तोड़कर नई ग्राम पंचायतें बनाई गई थी। ऐसे में करीब 34 पंचायतें ऐसी थीं। जिन पर अभी तक किसी भी वर्ग के लिए आरक्षण व्यवस्था लागू नहीं हुई। जबकि 14 ऐसी पंचायतें ही थीं जिनमें वर्ष 2015 में महिलाओं को आरक्षण का लाभ मिला। ऐसे में 20 ऐसी पंचायतें फिर भी बचती हैं जिनमें महिलाओं को आरक्षण का लाभ नहीं मिल पाया।
एएसपी बीसी दुबे ने बताया कि पंचायत चुनाव को लेकर पुलिस ने सेल गठित कर दी है। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि वह अपने स्तर पर क्षेत्र के चिह्नित अपराधियों को सूचीबद्ध कर लें। इसके साथ ही लाइसेंसी शस्त्रों को जमा करा लें। इसके साथ यह भी पहल की जा रही है कि सभी थाना प्रभारी गांवों में ग्रामीणों के साथ बैठक कर लें। ताकि पंचायत चुनाव में पुलिस की निगाह रहे।
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