कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक में मौजूद विभिन्न विभागों की महिला अधिकारी।
श्रावस्ती। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत शुक्रवार को महिला कल्याण विभाग ने कलेक्ट्रेट में कार्यक्रम का आयोजित हुआ। कार्यक्रम के दौरान डीएम अश्विनी कुमार पांडेय ने जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली बगुरैयां मोड़ होते हुए दीवानी न्यायालय तक गई इसके बाद पुन: लौटकर कलेक्ट्रेट में समाप्त हुई।
इसके बाद सभागार में महिला अधिकारियों ने प्रेस वार्ता कर अपनी बात रखी। इस दौरान डीएम ने कहा कि समाज से लेकर सदन तक नारी सशक्तीकरण से राष्ट्र मजबूत होगा। नारी शक्ति वंदन अधिनियम से महिलाओं को उनका उचित सम्मान व स्थान मिल सकेगा। ईओ भिनगा डाॅ. अनीता शुक्ला ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक मील का पत्थर है। यह महिलाओं को नीति-निर्माण और शासन के केंद्र में लाने की एक ऐतिहासिक पहल है।
डाॅ. प्रिया त्रिपाठी ने कहा कि यह न केवल एक कानून है, बल्कि महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। डाॅ. शगुफ्ता शाहीन ने बताया कि यह कानून उन महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो राजनीतिक क्षेत्र में जाना चाहती हैं। इस दौरान डीएमसी सरिता मिश्रा व संरक्षण अधिकारी मिथिलेश सिंह ने भी अपनी बात रखी।
इस मौके पर जिला कार्यकम अधिकारी प्रभात कुमार दास, उपायुक्त एसआरएलएम संदीप कुमार यादव, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी जीशान मलिक, अपर सांख्यिकीय अधिकारी दिग्विजय सिंह, जिला प्रोबेशन कार्यालय से जेंडर स्पेशलिस्ट कुसुम श्रीवास्तव, संजय कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।