श्रावस्ती। संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा में एमआरआई जांच शनिवार से शुरू हो गई है। इससे अब दूसरे जिलों पर निर्भरता खत्म हो गई है। समय से जांच के साथ ही मरीजों को बेहतर इलाज भी मिलने लगा है।
एमआरआई जांच के लिए भटकने की समस्या से मरीजों को निजात मिल गई है। हालांकि, जांच कराने के लिए मरीजों की जेब पर बोझ भी पड़ेगा, लेकिन प्राइवेट जांच केंद्रों की अपेक्षा काफी कम दाम में मरीज शरीर के विभिन्न अंगों की जांच आसानी से करा सकते हैं।
विदित हो कि दो वर्ष पूर्व सीएसआर फंड से करीब दो करोड़ की लागत से एमआरआई मशीन लगाई गई थी। इसके संचालन में कभी तकनीकी खामियां रोड़ा बनीं, तो कभी विभागीय अड़चन सामने आ गई। सब कुछ ठीक हुआ, तो कर्मियों की तैनाती ने मशीन संचालन प्रक्रिया की गति को धीमा कर दिया।
ऐसे में मरीजों को जांच के लिए बहराइच, बलरामपुर व लखनऊ पर निर्भर रहना पड़ रहा था। कई बार समय से जांच न होने से काफी समस्या का सामना करना पड़ता था। (संवाद)
पीपीपी मॉडल पर शुरू हुआ संचालन
जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से मशीन के संचालन के लिए पीपीपी का प्रस्ताव रखा गया। इसके तहत जयपुर के वास्को इंटरप्राइजेस को संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई। हालांकि, अभी मशीन के संचालन की औपचारिक शुरुआत नहीं हुई है, किंतु मरीजों की असुविधा को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू कर दी गई है।
आयुष्मान कार्ड धारकों को मिलेगी विशेष सुविधा
रेडियोलॉजिस्ट हर्षित मिश्रा ने बताया कि एमआरआई जांच कराने के लिए सामान्य मरीजों को मामूली शुल्क भी चुकाना पड़ेगा। हालांकि, प्राइवेट जांच केंद्रों पर पड़ने वाले शुल्क से करीब 75 प्रतिशत कम शुल्क लिया जाएगा। आयुष्मान कार्ड धारक मरीज यदि अस्पताल में भर्ती है, तो उन्हें निशुल्क जांच की सुविधा मिलेगी।