श्रावस्ती। सरकार गांवों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। ग्राम प्रधान गांव के विकास की धुरी है। इसलिए उनका दायित्व बनता है कि वह अपने गांव में विकास योजनाओं के साथ स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं शिक्षा पर ध्यान दें। साथ बाल विवाह जैसे कुप्रथा को भी रोकने में सहयोग करें। जिससे स्वस्थ समाज की परिकल्पना पूरी हो सके।
यह बातें कलेक्ट्रेट सभागार में सुजल एवं स्वच्छ गांव, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के तहत बुधवार को ग्राम प्रधानों के साथ आयोजित गोष्ठी में डीएम यशु रूस्तगी ने कही। डीएम ने कहा कि शिक्षित समाज से ही बेहतर समाज का विकास होता है। समाज के विकास में शिक्षा की बहुत बड़ी भूमिका है। जिले की साक्षरता दर अन्य जिलों से कम है जो चिन्ता का विषय है। साथ ही लोग जागरूकता के अभाव में अपने बेटे बेटियों का बाल विवाह कर देते हैं। यह चिंता का विषय है।
ऐसे में ग्राम प्रधानों को संकल्प लेना होगा कि हम अपने बेटों के साथ बेटियों को भी बिना भेदभाव के शिक्षित करेंगे। साथ ही अपने बेटियों का बाल विवाह नहीं करेंगे। जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर भी अधिक है। इसका मुख्य कारण बाल विवाह है। बाल विवाह के संबंध में जो भी व्यक्ति जानकारी देगा और सूचना सत्य पाई जाती है तो पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
सीडीओ अवनीश राय ने कहा कि जिले में बाल विवाह अधिक होने के कारण मातृ/शिशु मृत्युदर अधिक हो रही है, जो चिंता का विषय है। जिले में जन्मदर 5 से 6 बच्चे प्रति परिवार है। अधिक संख्या होने से बच्चों के लालन पालन, शिक्षा, स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। आज सभी ग्राम प्रधान यह शपथ ले कि अपने गांव में बेटों के साथ बेटियों को विद्यालय जरूर भेजेंगे और जिले में बाल विवाह जैसी कुप्रथा को रोकने में मदद करेंगे। यदि बाल विवाह करने वाले बच्चों के माता पिता नही मानते है तो इसकी सूचना 1090 और प्रशासन को देंगे। इसके साथ ही जिले की सभी आशाओं, एएनएम को निर्देशित किया कि वह अपने तैनाती स्थल पर सरकार द्वारा दी जा रही परिवार नियोजन सेवाओं का व्यापक प्रचार प्रसार करें।
उन्होंने कहा कि जिले के 397 ग्राम पंचायतों की सूरत बदलने के ठोस शुरुआत की गई है। सभी ग्राम पंचायतों के सृजित सुजल एवं स्वच्छ गांव बनाने के लिए स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) द्वारा व्यापक रणनीति तैयार की गई है। इस दौरान डीएम ने सभी विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं प्रधानों को बेटियों का बाल विवाह न करने और उन्हें बिना भेदभाव के शिक्षित करने के लिए संकल्प दिलाया। इस मौके पर डीडीओ विनय कुमार तिवारी, बीएसए ओमकार राना, बीडीओ इकौना/गिलौला, हरिगेंद्र वर्मा सहित सचिव व ग्राम प्रधान मौजूद रहे।