श्रावस्ती। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से बुधवार को सिरसिया के प्राथमिक विद्यालय कोयलहवा में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। कोविड 19 महामारी से बचाव एवं उपचार, नि:शुल्क कानूनी सहायता, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, महिला सशक्तिकरण एवं महिला कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए आयोजित इस शिविर की शुरुआत प्राधिकरण के सचिव व सिविल जज ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण करके किया। उन्होंने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सामाजिक दूरी का पालन करने की अपील की।
शिविर में प्राधिकरण के सचिव व सिविल जज प्रशांत कुमार सिंह ने कहा कि कोरोना वायरस मानव से मानव में तेजी से फैलता है। यह वायरस शरीर में सबसे पहले फेफड़ों पर अटैक कर व्यक्ति के श्वसन तंत्र को खराब करता है। बाद में सांस न ले पाने के कारण मरीज की मौत हो जाती है। कोरोना संक्रमित में पहले बुखार, इसके बाद सूखी खांसी व एक सप्ताह बाद सांस लेने में परेशानी होती है। संक्त्रस्मित में लक्षण तब नजर आता है, जब कोरोना शरीर में फैल चुका होता है।
उन्होंने बालिका शिक्षा का महत्व बताते हुए कहा कि जहां नारियों का सम्मान होता है, वहां देवता निवास करते है। नारी सशक्तीकरण, लाडली योजना, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ आदि योजनाएं साबित करती है कि अभी भी समाज के ऊंचे पदों पर बुद्धजीवी लोग आसीन है, जो सृष्टि की संरचना में आधी भूमिका निभाने वाली महिलाओं को उनके अधिकार दिलाने के लिए कार्य कर रहे हैं। वही दूसरी तरफ समाज में नारी के प्रति उपेक्षा की भावना भी विद्यमान है। बालिकाएं देश का भविष्य है, देश को सामाजिक व आर्थिक रूप से विकसित करने के लिए बालिका शिक्षा जरूरी है। शिविर को अधिवक्ता विष्णुदत्त अस्थाना, समाज सेवी ओंकारनाथ चौधरी, श्रम विभाग के अनुराग गुप्ता व प्रदीप शर्मा ने भी संबोधित किया। इस दौरान काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।