श्रावस्ती। तराई में विगत दिन हुई बरसात के बाद बुधवार को चटकीली धूप निकली। सुबह दस बजे से ही मानो सूरज की किरणें आग उगलने लगी। ऐसे में लोगों का घरों से बाहर निकलना दूभर हो गया। इसके साथ ही चल रही पूर्वा हवा से बढ़ी उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया है। उमस, जलभराव व गंदगी से लोगों को संक्रामक रोगों का खतरा सताने लगा है। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
जिले में सफाई व्यवस्था का हाल बेहाल है। नालियों की सफाई न होने के कारण वह पूरी तरह से चोक हैं। ऐसे में विगत दिनों हुई बरसात के कारण नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में जगह जगह कीचड़ व जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है। इसके बावजूद न तो गांव में तैनात सफाई कर्मियों द्वारा ध्यान दिया जा रहा है। और न ही जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा ही। जबकि इससे भिनगा व इकौना नगर भी अछूता नहीं है।
ऐसे में मंगलवार को हुई बरसात के बाद निकली चटकीली धूप ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है। खिली चटकीली धूप व पूर्वा हवाओं से बढ़ी उमस के कारण लोगों को संक्राम रोग का खतरा भी सताने लगा है। वहीं जगह जगह व्याप्त जलभराव की समस्या के कारण मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ा है। इसके बावजूद न तो सफाई कराकर जल निकासी की व्यवस्था कराई जा रही है। और न ही मच्छरों के प्रकोप से निजात के लिए फागिंग ही की जा रही है।
अघोषित बिजली कटौती ने बढ़ाई परेशानी
जिले में बरसात बाद निकलने वाली धूप व पूर्वा हवा के कारण उमस काफी बढ़ी है। ऐसे में राहत के लिए हर किसी को बिजली का ही सहारा है। वहीं इसके विपरीत बढ़ी विद्युत मांग के साथ बिजली की अघोषित कटौती का सिलसिला भी तेजी से चल पड़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों में रात 11 बजे से सुबह 4 बजे तक व दिन में एक बजे से तीन बजे तक घोषित कटौती की जा रही है। इसके साथ ही हर घंटे दो घंटे पर बिजली अतिरिक्त रूप से काटी जा रही है।
जिसकी शिकायत करने वाले उपभोक्ताओं को कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारियों द्वारा फाल्ट दुरुस्त करने के लिए शट डाउन होने की बात कह आश्वासन की घुट्टी पिलाई जा रही है। ऐसे में बढ़ी अघोषित बिजली कटौती ने उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उपभोक्ताओं की शिकायत के बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं होने से उपभोक्ताओं में निगम के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है।