जमुनहा के तुलसीपुर में बिजली कटौती के बाद हाथ पंखा झलता दुकानदार।
श्रावस्ती। तराई में तापमान बढ़ने व हवा की गति कम होने के कारण लोग उमस भरी गर्मी से बेहाल हैं। वहीं, अघोषित बिजली कटौती ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। हालांकि आधिकारिक तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों को 18 तो नगरीय क्षेत्रों में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति दी जा रही है।
चिलचिलाती धूप से तपती दोपहरी में जहां लोग पसीने से तरबतर हैं। वहीं इमरजेंसी रोस्टिंग के नाम पर की जाने वाली अघोषित बिजली कटौती लोगों के लिए मुसीबत का सबब बनी हुई है। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग घरों में कूलर व एसी लगवा रहे हैं। वहीं, बिजली न रहने से यह उपकरण भी शोपीस साबित हो रहे हैं। कई बार बिजली रहने के बाद भी कम वोल्टेज से पंखे भी नहीं चल पा रहे हैं।
गिलौला क्षेत्र में कागजों पर सुबह 11:15 से दोपहर 02:15 बजे तक व शाम को 06:15 से 09:15 बजे तक विद्युत कटौती का रोस्टर जारी किया गया है। इसी तरह से जमुनहा क्षेत्र में सुबह नौ से दोपहर 12 बजे तक व 02:15 से 05:15 तक रोस्टिंग रहती है। ऐसे ही भंगहा क्षेत्र में सुबह पांच से आठ बजे तक व सिरसिया क्षेत्र में सुबह 11 बजे से दो बजे तक रोस्टिंग जारी की गई। जबकि शेष समय को इमरजेंसी रोस्टिंग की तरह प्रयोग किया जाता है। ऐसे में कभी एक घंटे तो कभी आधे-आधे घंटे पर दिन में कई बार बिजली कटौती की जाती है।
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रोस्टिंग का समय विद्युत बोर्ड से निर्धारित होता है। शहरी क्षेत्र में 24 व ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे विद्युत आपूर्ति की जा रही है। कई बार लाइन में फाल्ट आने पर आपूर्ति बाधित होती है।
- राजनरायन, अधिशासी अभियंता विद्युत