जमुनहा (श्रावस्ती)। जमुनहा से मथुरा के नंदगांव मेला देखने गए तीन लोग रविवार को बिजली की चपेट आ गए। इनमें से दो की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से झुलस गया। साथ गए लोगों ने उसे लाकर बहराइच में भर्ती करवा दिया। जबकि शवों का अंतिम संस्कार पुलिस को सूचना दिए बिना कर दिया गया है।
मल्हीपुर थाना क्षेत्र से पचास लोग निजी बस से तीर्थ के लिए सात नवंबर को घर से निकले थे। यह बस जमुनहा से नैमिषार, हरिद्वार, मथुरा वृंदावन होते हुए रविवार सुबह नंदगांव पहुंचीं। जहां मंदिर से दर्शन कर सब लोग वापस बस के पास पहुंच गए। इस दौरान लोगों ने देखा कि कुछ बंदर बस की छत पर रखे समान की टोकरी खोल रहे हैं।
उन्हें भगाने के लिए मल्हीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बरगदहा निवासी माता प्रसाद वर्मा (62) बस की छत पर चढ़ गए। बंदर भगाने समय वह बस के बगल से गुजरी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही झुलस कर मौत हो गई। इस दौरान बस के आगे टेक लगाकर खड़े द्वारिका गांव निवासी इच्छाराम मौर्या (38) व बरगदहा के मजरा दुर्गापुरवा निवासी पवन शर्मा (35) भी बिजली की चपेट में आ गए।
इससे इच्छाराम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पवन शर्मा गंभीर रूप से झुलस गए। जिसे साथ में मौजूद लोग नंदगांव स्थित एक अस्पताल ले गए। इस दौरान कार्रवाई के भय से साथ में मौजूद लोग पुलिस को सूचना दिए बगैर तीनों को बस से वापस घर ले आए। जहां सोमवार को परिवारीजनों ने दोनों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया। जबकि घायल पवन को मेडिकल कॉलेज बहराइच में भर्ती कराया गया। जहां उसका उपचार हो रहा है।