श्रावस्ती। उत्तराखंड के ऑलवेदर टनल में हुए भूस्खलन में जिले के छह मजदूर फंसे हैं। यह सभी सिरसिया के मोतीपुर कला पंचायत के थारू समुदाय के हैं। इन मजदूरों को बाहर निकालने के लिए घटना स्थल पर 900 एमएम पाइप की बोरिंग की जा रही है। घटना के दौरान समन्वय स्थापित करने के लिए राज्य सरकार ने आपदा विशेषज्ञ को उत्तराखंड भेजा है। मजदूरों को बृहस्पतिवार सुबह तक बाहर निकालने की संभावना जताई जा रही है।
टनल में फंसे मजदूरों में मोतीपुर कला निवासी अंकित कुमार पुत्र सीताराम, गांव के ही मजरा बच्चूपुर निवासी जय प्रकाश पुत्र गानू, रनियापुर निवासी सत्यदेव पुत्र राम सागर, राममिलन पुत्र सुख सागर, बच्चूपुर निवासी संतोष कुमार पुत्र विशेषर तथा बच्चेपुर निवासी राम सुंदर पुत्र मनी राम शामिल हैं। यह लोग काफी दिनों से इस टनल में काम कर रहे थे। दुघर्टना के बाद सभी मजदूरों का संपर्क अपने परिवार से कट गया है।
वहीं घटना की सूचना पा कर टनल में फंसे मजदूरों के परिवारीजनों के साथ ही गांव के कुछ अन्य लोग उत्तराखंड घटना स्थल के लिए रवाना हो गए है। दिवाली पर एक ही पंचायत में रहने वाले एक ही समुदाय के लोगों के बीच घटी इस घटना के कारण थारू समुदाय बाहुल्य सात गांवों में शोक की लहर है। हर कोई यह जानने को उत्सुक है कि मजदूरों को बचाने के लिए क्या प्रयास किया जा रहा हैँ। यहां तक की कुछ ग्रामीण मजदूरों को हाल जानने के लिए डीएम कार्यालय से भी लगातार संपर्क कर रहे है।
नाइट ड्यूटी पर थे मजदूर
उत्तराखंड के उत्तरकाशी यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर निर्माणाधीन टनल पर कार्य करने के लिए सिरसिया के मोतीपुर पंचायत सहित आसपास गांव के थारू समुदाय के करीब बीस मजदूर अगस्त में गए थे। परिवारीजनों के अनुसार शनिवार रात में मोतीपुर ग्राम पंचायत के रानियापुर निवासी सत्यदेव, राम मिलन, मोतीपुर निवासी अंकित कुमार, बच्चूपुर निवासी जय प्रकाश, संतोष कुमार व राम सुंदर की ड्यूटी नाइट शिफ्ट में थी।
यह सभी अपना शिफ्ट समाप्त कर टनल से बाहर निकलने की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच अचानक भूस्खलन होने से सुरंग का कुछ हिस्सा धंस गया और सभी टनल में फंस गए। इस घटना की जानकारी साथ के मजदूरों को तब हुई जब वह सुबह की शिफ्ट में कार्य के लिए घटनास्थल पर पहुंचे। इन्हीं साथी मजदूरों ने घटना की सूचना परिवारीजनों को दी।
टनल में फंसे मजदूर सुरक्षित
टनल में फंसे मजदूर अभी तक सुरक्षित है। वह करीब 55 फीट गहराई में फंसे हुए हैं। उनको बाहर निकालने के लिए एनडीआरएफ पहले मलबा बाहर निकाल रही थी, लेकिन पंद्रह फीट मलबा निकालने के बाद फिर से ऊपर का मलबा नीचे आने लगा। इसी के बाद मलबा हटाने के बजाए 900 एमएम पाइप से जमीन में छेद किया जा रहा है। इस पाइप से नीचे उतर कर मजदूरों को बाहर निकालने की तैयारी है।
अरुण कुमार मिश्र, आपदा विशेषज्ञ व राज्य समन्वयक
श्रावस्ती के छह मजदूर उत्तराखंड के टनल में फंसे हुए है। सभी अभी सुरक्षित हैं। मैं खुद उत्तर काशी जिला प्रशासन के संपर्क में हूं। समन्वय के लिए आपदा विशेषज्ञ भेजा गया है।
कृतिका शर्मा, डीएम