श्रावस्ती। राष्ट्रीय राजमार्ग बौद्ध परिपथ पर शुक्रवार सुबह दो ट्रकों में जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे में दोनों ट्रकों के चालकों की मौत हो गई, जबकि दोनों के खलासी व एक यात्री सहित छह लोग घायल हो गए। इसमें हादसे के बाद एक ट्रक में लदी लकड़ी गिरने से उसकी चपेट में आने से घर के सामने सो रहे दंपती व उनके बेटे को गंभीर चोट लगी है। सभी घायलों को मेडिकल कॉलेज बहराइच में भर्ती करवाया गया है।
बरेली के गोता थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत गुलरिया जगत निवासी अंशु (40) शुक्रवार रात ट्रक में तरल पेय पदार्थ लाद कर बलरामपुर की ओर से जा रहे थे। इस दौरान बौद्ध परिपथ पर खरगौरा बस्ती के विजयीपुरवा के पास उनका ट्रक सामने से लकड़ी लादकर आ रहे दूसरे ट्रक से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों ट्रकों के परखचे उड़ गए और ट्रक में लदी लकड़ी चारों ओर बिखर गई। हादसे में अंशु की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, ट्रक में सवार खलासी बरेली जिले के भुता थाना क्षेत्र के मुरादपुर निवासी गोपी सिंह (42) व यात्री सीतापुर जिले के तंबौर निवासी मोहम्मद सद्दाम (30) गंभीर रूप से घायल हो गए।
उधर, दूसरे ट्रक के चालक सिद्धार्थनगर के खेसरहा थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत देवरी निवासी अमजद हुसैन (45) व खलासी संतकबीर जिले के बखिया थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत दोहबा निवासी नबीउल्लाह (30) गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को इलाज के लिए सीएचसी इकौना पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने अमजद हुसैन को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गोपी, मोहम्मद सद्दाम व नबीउल्लाह को मेडिकल कॉलेज बहराइच रेफर कर दिया।
लकड़ी के नीचे दबे दंपती व उनका बेटा
ट्रकों की भिड़ंत के बाद ट्रक में लदी लकड़ी सड़क पर बिखर गई और सड़क किनारे घर के सामने सो रहे अरुण कुमार पांडेय (32), उनकी पत्नी सीमा पांडेय (30) और बेटा पीयूष पांडेय (13) गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय निवासियों ने कड़ी मशक्कत कर लकड़ी हटाकर तीनों को बाहर निकाला और सीएचसी इकौना पहुंचाया, जहां से तीनों को मेडिकल कॉलेज बहराइच रेफर कर दिया गया।
लगा लंबा जाम, फंसे रहे सैकड़ों वाहन
ट्रकों की भिड़ंत के बाद मलबा व लकड़ी सड़क पर बिखर जाने से बौद्ध परिपथ पर जाम लग गया। इससे सैकड़ों वाहनों की कतार लग गई। हादसे की सूचना पर टीम के साथ पहुंचे नवीन मॉडर्न थाना प्रभारी जयहरि मिश्रा ने जेसीबी की मदद से मलबे को सड़क से हटवाकर जाम खुलवाया।