गिलौला में ट्रांसफार्मर के पास जलभराव
गिलौला। तराई में लगातार रुक-रुक कर जारी झमाझम बारिश अब राहत के बजाए लोगों के लिए आफत बनती जा रही है। लगातार जारी बारिश से तराई में जगह-जगह जलभराव हुआ है, जो आवागमन में बाधक बन रहा है। साथ कई स्थानों पर हुआ जलभराव हादसे को दावत देता भी नजर आ रहा है। यही, प्रमुख स्थलों पर बीते कई दिनों से भरा पानी दुर्गंध के साथ-साथ संक्रामक बीमारियों के फैलने का कारण भी बन सकता है।
ट्रांसफार्मर व बिजली के तारों के पास भरा पानी
गिलौला विकासखंड के ईदगाह मोहल्ले की नई बस्ती में खुले में रखे ट्रांसफार्मर और नंगे तारों के पास भीषण जलभराव हो गया है। इससे किसी भी समय हादसा होने की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लोगों और राहगीरों को मजबूरी में पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव के बीच झूल रहे नंगे तारों और ट्रांसफार्मर से पानी में करंट उतर सकता है। भुजऊ, कालिया, बड़कऊ और रमेश आदि ने विद्युत विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। ग्रामीणों के अनुसार उन्होंने गिलौला विद्युत उपकेंद्र पर शिकायती पत्र देकर ट्रांसफार्मर को ऊंचाई पर स्थापित करने और नंगे तारों की मरम्मत कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने जल्द समस्या का समाधान कराने की मांग की है।
सीएचसी में भरे पानी से आ रही दुर्गंध
तराई में जारी बारिश के चलते सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गिलौला में भीषण जलभराव हुआ है। बीते कई दिनों से भरे पानी में कीड़े बजबजा रहे हैं और दुर्गंध आ रही है। इससे सीएचसी आने वाले मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, सीएचसी में भर्ती गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों को संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा सताने लगा है। सीएचसी आए नीरज, पंडरीक, पंकज मिश्रा, नरेंद्र आदि ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से बीमारियों से बचने के लिए स्वच्छता का संदेश दिया जा रहा है लेकिन सीएचसी में ही जलभराव है। ऐसे में डेंगू जैसी मच्छर जनित संक्रामक बीमारियां कभी भी फैल सकती हैं।
गिलौला में ट्रांसफार्मर के पास जलभराव