श्रावस्ती। न्यायालय की ओर से जारी स्थगन आदेश की अवहेलना करना तीन लोगों को महंगा पड़ा। मामले में न्यायालय ने तीनों आरोपियों को तीन-तीन माह के कारावास से दंडित किया है।
इकौना थाना क्षेत्र के ग्राम अंधरपुरवा निवासी प्रवीण प्रकाश व शनि प्रकाश द्वारा सिविल जज अवर खंड के न्यायालय पर वाद योजित किया गया था। इसमें अदालत की ओर से दोनों पक्षों को विवादित भूमि पर यथा स्थिति बनाए रखने का आदेश जारी किया गया था। लेकिन विपक्षी राघव राम, रामअचल व श्यामबिहारी निवासी भंभरी भगवानपुर ने न्यायालय के स्थगन आदेश को नहीं माना। उनके द्वारा न सिर्फ विवादित भूमि पर जबरन भूसा रख लिया गया। बल्कि उस पर मवेशियों को बांध कर कब्जा करने का प्रयास भी किया गया।
न्यायालय के आदेश के उल्लंघन करने पर प्रवीण प्रकाश व शनि प्रकाश द्वारा मामले की शिकायत जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक से की गई। जिनको पीड़ितों ने प्रार्थना पत्र देकर न्यायालय के आदेश का अनुपालन कराने की मांग की। इस पर एसडीएम इकौना ने थानाध्यक्ष इकौना को भी न्यायालय के आदेश का अनुपालन कराने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद पुलिस द्वारा प्रकरण में कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे व्यथित वादी प्रवीण प्रकाश व शनि प्रकाश द्वारा न्यायालय पर अवमानना का वाद दायर कर उन्हें दंडित करने की मांग की गई। जिस पर सुनवाई के बाद सिविल जज अवर खंड प्रभात कुमार ने अवमानना के तीन आरोपियों को तीन तीन माह के सिविल कारावास की सजा सुनाया। आरोपियों को इन तीन माह की कैद के दौरान जेल में भोजन-पानी आदि का खर्च स्वयं वहन करना होगा।