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प्रोत्साहन राशि नहीं मानदेय में हो बढ़ोत्तरी

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श्रावस्ती। बाल विकास परियोजना के तहत तैनात आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में मुख्यमंत्री द्वारा 1500 रुपये बढ़ाने की घोषणा की गई थी। जबकि शासनादेश में मानदेय बढ़ोत्तरी न कर उसे प्रोत्साहन राशि के रूप में दर्शाया गया है। जिससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं में आक्रोश है। रविवार को जमुनहा स्थित संघ कार्यालय में आयोजित बैठक में कार्यकर्ताओं ने इस पर गहरी नाराजगी जताई।
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आंगनबाड़ी कर्मचारी व सहायिका एसोसिएशन के जमुनहा इकाई की एक बैठक रविवार को हुई। आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ कार्यालय में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन ब्लॉक अध्यक्ष कुसुम लता ने की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मानदेय में बढ़ोत्तरी को लेकर पूरे प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं द्वारा कई दिनों तक अनवरत धरना प्रदर्शन किया गया था।
इसके बाद वर्ष 2019 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 1500 रुपये की बढ़ोत्तरी की घोषणा की गई थी। सरकार ने अपना वादा पूरा नहीं किया। प्रदेश सरकार द्वारा मानदेय में बढ़ोत्तरी के बजाय प्रोत्साहन राशि के रूप में यह पैसा देने का प्राविधान कर दिया। वहीं अब तक एक भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को यह पैसा नहीं मिला। जबकि 2021 के अनुपूरक बजट में 1500 रुपए मानदेय की बढ़ोतरी दर्शायी गई थी। 14 सितंबर 2021 को जारी शासनादेश में इसी मानदेय को प्रोत्साहन राशि के रूप में दर्शाया गया है। जिसका आंगनबाड़ी कर्मचारी कड़े शब्दों में निंदा करते हैं।
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जिला मंत्री किरन वर्मा ने कहाकि यदि यह प्रोत्साहन राशि को मानदेय में ना बदला गया तो जिले की सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं द्वारा अनिश्चितकालीन काम बंद कलम बंद हड़ताल की जाएगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी। इस दौरान शालिनी, मिथिलेश कुमारी, सुशीला श्रीवास्तव, विमलेश कुमारी, अंतिम देवी, शीला देवी, अनीता लता, आराधना त्रिवेदी सहित कई अन्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रही।
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