श्रावस्ती। सीएचसी में मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में मरीज व तीमारदार कड़ाके की ठंड में भी जिला चिकित्सालय का चक्कर लगाने के लिए विवश हैं। सोमवार को ओपीडी खुली तो परचा काउंटर पर मरीजों की लंबी लाइन लग गई।
सीएचसी में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती न होने से मरीजों को संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा जाना पड़ता है। ऐसे में अधिक भीड़ होने के कारण मरीजों को पैथोलाजिकल जांच कराने के साथ ही अल्ट्रासाउंड कराने के लिए भी कई बार दूसरे दिन दौड़ना पड़ता है।
कारण यह कि पैथोलाजी में दो बजे के बाद मरीजों को जांच रिपोर्ट दी जाती है, तब तक चिकित्सक की ओपीडी का समय समाप्त हो चुका होता है। एक दिन में मात्र 60 मरीजों की अल्ट्रासाउंड जांच की जाती है। ऐसे में 65 व 70 नंबर वाले मरीज को दूसरे दिन आना पड़ता है।
सिरसिया क्षेत्र के घोलिया निवासी मुख्तियार के पैर में चोट लग जाने से वह चलने में असमर्थ हैं। सिरसिया सीएचसी में अस्थि रोग विशेषज्ञ की तैनाती न होने से उन्हें जिला चिकित्सालय में आकर इलाज कराना पड़ रहा है। इसी तरह भंगहा क्षेत्र निवासी मेहीलाल ने बताया कि उनकी पत्नी का प्रसव होना था, लेकिन भंगहा सीएचसी में पर्याप्त सुविधा न होने से जिला चिकित्सालय लाना पड़ा।
मल्हीपुर क्षेत्र के ग्राम लौकिहा निवासी रघुवंशा ने बताया कि मल्हीपुर सीएचसी पर कान के चिकित्सक न होने से उन्हें जिला चिकित्सालय आकर इलाज कराना पड़ रहा है। यदि सीएचसी में सुविधा होती, तो ठंड में दौड़ना न पड़ता।
तैनाती के लिए शासन से की गई है मांग
सीएचसी पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती के लिए शासन से मांग की गई है। चिकित्सकों की कमी के चलते यह समस्या उत्पन्न हो रही है। पैथोलॉजी की रिपोर्ट समय से मरीजों को देने का भी प्रयास किया जा रहा है।
-डॉ. एके सिंह, सीएमओ