श्रावस्ती। तराई में मौसम का मिजाज गर्म हो चुका है, जेठ की तपन का अहसास देर रात तक हो रहा है। जिसका असर अब सब्जियों के खेती पर भी पड़ने लगा है। बार-बार सिंचाई से लागत बढ़ रही है, जबकि तपन के कारण उत्पादन घटा है। जिसका असर अब सब्जियों के दाम पर पड़ रहा है।तपन व लू के थपेड़ों से न सिर्फ खेतों की नमी कम हो रही है बल्कि फसल भी मुरझा रही है। जिसके चलते किसानों को हर तीसरे दिन सिंचाई करनी पड़ रही है। तपन से फूल व फल भी सूख कर गिर रहे हैं। जिसका असर पैदावार पर पड़ रहा है।
लागत बढने व पैदावार घटने से किसानों को काफी नुकसान हो रहा है। वहीं दुकानदार आमद कम होने की बात कह कर ग्राहकों से डेढ़ से दोगुना दाम वसूल रहे हैं। लौकी, तोरई, लोबिया, कद्दू, अरुई, मिर्च व बैंगन सहित हरी सब्जियों के दामों में भी यह देखा जा रहा है। ऐसे में राहत के लिए किसान आसमान की ओर निहार रहे है।